जल्द बाहर आ सकते हैं राजपाल यादव, कॉमेडी किंग की मदद के लिए सामने आए ये सितारे
9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में राहत न मिलने पर अभिनेता राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा. उनके समर्थन में कई नेताओं और कलाकारों ने आर्थिक मदद का ऐलान किया है, अब तक 1.32 करोड़ रुपये की घोषणा हो चुकी है.

नई दिल्ली: फिल्मों में अपनी बेहतरीन कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव इन दिनों खुद मुश्किलों से घिरे हुए हैं. 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में राहत न मिलने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा. अदालत के सख्त रुख के बाद अभिनेता को जेल जाना पड़ा, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में हलचल मच गई है. यह पूरा विवाद एक पुराने कर्ज से जुड़ा है.
खबरों के अनुसार, राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ को बनाने के लिए साल 2010 में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई और कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया. इसके बाद दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिस पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत मामला दर्ज हुआ.
9 करोड़ अभी भी बकाया
अक्टूबर 2025 में अदालत को बताया गया था कि 75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए गए हैं, लेकिन लगभग 9 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं. 4 फरवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सरेंडर पर लगी रोक बढ़ाने से इनकार कर दिया और उन्हें उसी दिन जेल में रिपोर्ट करने का आदेश दिया. अगले दिन कोर्ट ने अपने फैसले को बदलने से भी मना कर दिया.
किसने बढ़ाया मदद का हाथ?
राजपाल यादव के जेल जाने से पहले दिए गए भावुक बयान के बाद कई लोग उनकी मदद के लिए सामने आए हैं. राव इंदरजीत सिंह ने जेम ट्यून्स परिवार की ओर से 1.11 करोड़ रुपये की कानूनी सहायता देने की घोषणा की. जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपये देने का ऐलान किया.
अभिनेता और फिल्म समीक्षक केआरके ने 10 लाख रुपये देने की बात कही. गुरमीत चौधरी और सोनू सूद ने भी मदद का भरोसा दिया, हालांकि उन्होंने राशि का खुलासा नहीं किया. अब तक कुल मिलाकर 1.32 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा हो चुकी है.
रिहाई को लेकर क्या कहा गया?
राव इंदरजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने राजपाल यादव के छोटे भाई से बात की है. उनका कहना है कि अगर 14 फरवरी तक जरूरी रकम जमा नहीं हो पाती है, तो वे खुद बाकी रकम कोर्ट में जमा कर देंगे ताकि महाशिवरात्रि तक अभिनेता की रिहाई संभव हो सके.
पहले भी हो चुकी है सजा
2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को छह महीने की सजा सुनाई थी. 2019 में सेशन कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा. हालांकि 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगा दी थी और समय-समय पर इसे बढ़ाया जाता रहा.
लेकिन इस बार कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सरेंडर का आदेश लागू कर दिया. राजपाल यादव की यह कानूनी लड़ाई अब एक नए मोड़ पर है. जहां एक ओर अदालत का फैसला है, वहीं दूसरी ओर फिल्म जगत और राजनीति से मिल रही मदद उनके लिए उम्मीद की किरण बन सकती है.


