मोदी सरकार की 'डबल इंजन' को CM स्टालिन ने 'डब्बा इंजन' कहकर उड़ाया मजाक! जानें क्या है पूरा मामला

विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में सियासी पारा गरम है. सीएम स्टालिन ने एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की डबल इंजन मॉडल का मजाक उड़ाकर उसे डब्बा इंजन बताया है.

Sonee Srivastav

Assembly Elections 2026: तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव की गर्मी बढ़ती जा रही है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हाल ही में 'राउंड टेबल तमिलनाडु' कार्यक्रम में हिस्सा लिया. चेन्नई के द लीला पैलेस होटल में हुए इस आयोजन में उन्होंने राज्य के विकास की बात की, लेकिन एनडीए पर जमकर हमला बोला. उन्होंने चुनाव को साधारण राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि 'आर्य-द्रविड़' की एक बड़ी जंग बताया. 

आर्य-द्रविड़ संघर्ष का नया अध्याय

स्टालिन ने कहा कि 2026 का चुनाव आर्य और द्रविड़ विचारधारा के बीच की लड़ाई का एक और रूप है. उन्होंने एनडीए पर आरोप लगाया कि यह झूठ, नफरत और सांप्रदायिक तनाव फैलाकर तमिलनाडु की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहा है.

स्टालिन ने दावा किया कि केंद्र की ताकतें तमिल पहचान, भाषा और संस्कृति पर हमला कर रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु की जनता ऐसी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी. राज्य में बंटवारे वाली राजनीति की कोई जगह नहीं है.

'डबल इंजन' नहीं, 'डब्बा इंजन'

स्टालिन ने बीजेपी के 'डबल इंजन' मॉडल पर तंज कसा. उन्होंने कहा, "जिसे डबल इंजन कहा जा रहा है, वह असल में खाली डब्बा है. यह डब्बा इंजन है, जो यहां नहीं चलेगा." उनका मतलब था कि एनडीए का मॉडल तमिलनाडु के लिए फिट नहीं है.

यहां द्रविड़ मॉडल से ही विकास, शिक्षा और सामाजिक न्याय हो रहा है. स्टालिन ने शांत लेकिन मजबूत अंदाज में बताया कि वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं.

अल्पसंख्यकों को बांटने की साजिश का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए अल्पसंख्यकों को जानबूझकर बांटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तमिलनाडु की जनता ऐसी उकसावे वाली राजनीति को मुंहतोड़ जवाब देगी. उन्होंने राहुल गांधी से अपने अच्छे संबंधों का जिक्र किया और कहा कि इंडिया गठबंधन की जीत पर कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने पर विचार होगा.

यह बयान ऐसे समय आया जब बीजेपी दक्षिण में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए AIADMK, PMK और अन्य दलों को एनडीए में शामिल कर रही है. बता दें, 2021 के चुनाव में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी. अब स्टालिन द्रविड़ विचारधारा को मजबूत करके एनडीए को चुनौती दे रहे हैं. तमिलनाडु में यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि पहचान और संस्कृति की रक्षा का मुद्दा बन गया है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag