हरियाणा से 4 शूटर अरेस्ट, मुख्य आरोपी विदेशी गैंगस्टर से सीधा कनेक्ट! रोहित शेट्टी फायरिंग का पूरा सच आया सामने

फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर हुए फायरिंग मामले में STF को एक बड़ी सफलता मिली है. हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया गया है.

Sonee Srivastav

महाराष्ट्र: फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. हरियाणा के बहादुरगढ़ से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ये गिरफ्तारियां मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के संयुक्त ऑपरेशन से हुई. अब तक इस केस में कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

जॉइंट ऑपरेशन में पकड़े गए चार आरोपी

हरियाणा STF के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि मुंबई पुलिस से संपर्क मिलने के बाद बहादुरगढ़ में छापेमारी की गई. चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं. इनमें मुख्य शूटर दीपक शामिल है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेश में बैठे सदस्य हरि बॉक्सर और आरजू बिश्नोई से संपर्क में था. बाकी आरोपी सन्नी, सोनू और ऋतिक हैं. इन चारों को मुंबई ले जाया जा रहा है, जहां आगे पूछताछ होगी.

बिश्नोई गैंग का कनेक्शन

जांच से पता चला है कि फायरिंग 31 जनवरी 2026 की रात को हुई थी. दीपक ने रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर गोली चलाई. सन्नी और सोनू ने पहले घर की रेकी की थी. ऋतिक ने उन्हें छिपने में मदद की. दीपक सोशल मीडिया के जरिए आरजू बिश्नोई से जुड़ा था, जो विदेश में है. 

आरजू ने शुभम लोनकर (बाबा सिद्दीकी केस में वांटेड) से बात की और फिर फायरिंग का प्लान बनाया. मुख्य शूटर दीपक को 50 हजार रुपये दिए गए थे, आगे और पैसे का वादा था. फायरिंग में अत्याधुनिक विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हुआ.

कैसे हुई प्लानिंग?

शूटर्स मुंबई पहुंचे, रेकी की और फायरिंग के बाद अलग-अलग जगहों पर छिपे. वे दिल्ली-एनसीआर के कुछ ठिकानों और होटलों में रुके. बाद में बहादुरगढ़ के एक खेत में ठिकाना बनाया. पुलिस ने मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की है. हरि बॉक्सर ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. यह रंगदारी मांगने और दहशत फैलाने की कोशिश थी.

मामला 1 फरवरी की देर रात सामने आया था. इसके बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी गई. पहले पुणे और उत्तर प्रदेश से सात, फिर राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर से चार और अब ये चार आरोपी पकड़े गए. आरोपियों को मुंबई की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के इंस्पेक्टर सुनील पवार की टीम को सौंप दिया गया है. जांच जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी हो रही है.

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