बिना डायलॉग्स के रोंगटे खड़े कर देती है ‘एको’, जानिए नेटफ्लिक्स पर क्यों ट्रेंड कर रही ये फिल्म
नेटफ्लिक्स पर रिलीज मलयालम फिल्म ‘एको’ एक साइलेंट थ्रिलर है, जो जंगल के सन्नाटे और रहस्यमयी किरदारों के जरिए दर्शकों को बांध लेती है. वहीं, इसका अंत दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है.

नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘एको’ आते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. यह फिल्म उन थ्रिलर फिल्मों से अलग है, जिनमें तेज रफ्तार कहानी या भारी संवादों का सहारा लिया जाता है. ‘एको’ आपको शोर से नहीं, बल्कि जंगल के सन्नाटे, कुत्तों की आवाज और खामोशी के बीच पनपते रहस्य से बांधती है. एक बार अगर आपने फिल्म देखना शुरू कर दिया, तो खुद को स्क्रीन से अलग कर पाना मुश्किल हो जाता है.
फिल्म की कहानी केरल और मलेशिया के घने जंगलों के इर्द-गिर्द घूमती है. यहां दिखाए गए जंगल सिर्फ एक लोकेशन नहीं, बल्कि कहानी का अहम हिस्सा हैं. सन्नाटा, पेड़ों की सरसराहट और कुत्तों के भौंकने की आवाजें मिलकर ऐसा माहौल बनाती हैं, जो दर्शकों को लगातार बेचैन रखता है. यही वजह है कि फिल्म बिना ज्यादा बोले भी गहरा असर छोड़ती है.
कुरियाचन: रहस्य से घिरा मुख्य किरदार
कहानी का केंद्र है कुरियाचन नाम का किरदार, जिसे अभिनेता सौरभ सचदेव ने निभाया है. कुरियाचन एक ऐसा व्यक्ति है, जो खास नस्ल के कुत्तों पर रिसर्च करता है और उन्हें मलेशिया से केरल लाकर जंगलों में पालता है. लेकिन इस काम के पीछे कई गैरकानूनी और संदिग्ध गतिविधियां भी जुड़ी हुई हैं. केरल और कर्नाटक की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही है, मगर वह कहीं दिखाई नहीं देता.
धीरे-धीरे यह साफ होता है कि कुरियाचन गायब नहीं है, बल्कि जंगलों में ही छिपकर रह रहा है. वह एक गुफानुमा जगह में अपने पाले हुए कुत्तों के साथ रहता है और पूरा जंगल मानो उसकी मौजूदगी से संचालित होता है. कुरियाचन की मलेशियाई पत्नी सोई भी कहानी का अहम हिस्सा है. वह जंगल के पास रहती है और कुरियाचन के कुत्तों की देखभाल करती है. सोई के बेटे ने पीयूस नाम के एक युवक को अपनी मां की मदद के लिए रखा है. ये तीनों किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन असली ताकत उन कुत्तों में है, जो जंगल की रखवाली करते हैं और किसी को भी आसानी से अंदर आने नहीं देते.
सन्नाटा ही सबसे बड़ा किरदार
‘एको’ में आपको पारंपरिक थ्रिलर जैसा शोर या तेज बैकग्राउंड म्यूजिक नहीं मिलेगा. यहां डर और रोमांच सन्नाटे से पैदा होता है. कुत्तों की पहरेदारी, जंगल की खामोशी और छोटे-छोटे दृश्य मिलकर एक ऐसी परतदार कहानी बनाते हैं, जिसे समझने के लिए दर्शक को खुद सोचने पर मजबूर होना पड़ता है.
चौंकाने वाला अंत
फिल्म का अंत सबसे खास है. यहां कोई लंबा संवाद या साफ जवाब नहीं दिया जाता. कुछ छोटे-छोटे दृश्य दिखाए जाते हैं, जिन्हें आपने शुरुआत में शायद नजरअंदाज कर दिया हो. लेकिन जब फिल्म खत्म होती है, तो वही दृश्य कहानी के हर सवाल का जवाब खुद-ब-खुद देने लगते हैं. यही ‘एको’ की सबसे बड़ी खूबी है.
कम बजट और शानदार सिनेमेटोग्राफी
डार्क टोन में फिल्माई गई सिनेमेटोग्राफी, जंगल का माहौल और सटीक कैमरा वर्क फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाते हैं. निर्देशक दिन्जिथ अय्याथन ने बेहद सादगी के साथ एक गहरी और प्रभावशाली कहानी पेश की है. यह फिल्म साबित करती है कि कम बजट में भी दमदार सिनेमा बनाया जा सकता है.
‘एको’ नवंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे करीब 5 करोड़ रुपये के बजट में बनाया गया और इसने दुनियाभर में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. अब नेटफ्लिक्स पर इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.


