ईरान में बगावत की नई तस्वीर: खामेनेई की फोटो जलाकर सिगरेट सुलगा रहीं महिलाएं!
ईरान में गुस्से की लहर के बीच एक हैरान करने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. महिलाएं आयतुल्लाह खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों से सिगरेट जला रही हैं. ये कथित रूप से तेहरान समेत कई शहरों से सामने आए हैं, हालांकि इनकी अभी सही पुष्टि नहीं हो पाई है.

नई दिल्ली: ईरान की सड़कों पर इस वक्त जो तस्वीर उभर रही है, वह सिर्फ एक विरोध नहीं बल्कि सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती बन चुकी है. देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि सरकार को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी हैं.
इसी उथल-पुथल के बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें ऐतिहासिक कहा जा रहा है. इन वायरल क्लिप्स में ईरानी महिलाएं खुलेआम देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की जली हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती दिखाई दे रही हैं. हालांकि इन तस्वीरों और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इनका संदेश बेहद ताकतवर माना जा रहा है.
An Iranian girl burns a picture of Ayatollah Khamenei and lights her cigarette, a new trend in Iran!
Young Iranian women are leading the revolution against the Islamic regime.
pic.twitter.com/UIFYHMPBGA— Dr. Maalouf (@realMaalouf) January 10, 2026
सोशल मीडिया पर क्यों मचा तूफान
वायरल हो रहे वीडियो में तेहरान और ईरान के अन्य शहरों के बताए जा रहे हैं. इनमें महिलाएं खामेनेई की तस्वीरें जला रही हैं, उनसे सिगरेट सुलगा रही हैं और कई जगहों पर हिजाब को आग के हवाले कर रही हैं. यह दृश्य उस ईरान के लिए असाधारण माने जा रहे हैं, जहां महिलाओं पर सख्त सामाजिक और धार्मिक पाबंदियां लागू हैं.
हालांकि इन फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, फिर भी सोशल मीडिया पर इन्हें सत्ता के खिलाफ खुली बगावत के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है.
महिलाएं ऐसा क्यों कर रही हैं?
इस विरोध के पीछे दो बेहद अहम बातें मानी जा रही हैं. पहली, ईरान में सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना एक गंभीर अपराध है. दूसरी, महिलाओं का खुलेआम सिगरेट पीना सामाजिक रूप से लंबे समय से हतोत्साहित और सीमित किया जाता रहा है.
इन दोनों कामों को एक साथ करके महिलाएं न केवल सरकार की ताकत को चुनौती दे रही हैं, बल्कि उन सामाजिक नियमों को भी ठुकरा रही हैं जो दशकों से उन पर थोपे गए हैं.
महसा अमीनी आंदोलन से जुड़ी कड़ी
यह पूरा घटनाक्रम 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन की याद दिलाता है. महसा को कथित तौर पर हिजाब नियमों के उल्लंघन में हिरासत में लिया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी. उस घटना के बाद महिलाओं के नेतृत्व में जो असंतोष की लहर उठी थी, वही अब एक बार फिर और भी ज्यादा उग्र रूप में सामने आती दिखाई दे रही है.
ईरान में कैसे भड़की विरोध की आग
ईरान में मौजूदा विरोध-प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर के अंत में हुई थी. शुरुआती वजह महंगाई, खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें और रिकॉर्ड तोड़ मुद्रास्फीति थी. लेकिन धीरे-धीरे ये प्रदर्शन सरकार और पूरे धार्मिक शासन के खिलाफ खुली बगावत में बदल गए. हालात को काबू में रखने के लिए ईरानी अधिकारियों ने देशभर में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस कदम को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया है.


