"जांच का समर्थन जारी रखें": एयर इंडिया हादसे पर बोइंग की पहली प्रतिक्रिया
एएआईबी की 15 पृष्ठों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान के दोनों इंजनों के ईंधन स्विच उड़ान के दौरान अपने आप बंद हो गए थे, जिससे इंजन को ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई. यही तकनीकी खराबी हादसे का मुख्य कारण मानी जा रही है.

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जो कि बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान थी, दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित ज़मीन पर मौजूद 30 लोगों की मौत हो गई. इस दुखद हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है, जिससे कई अहम तकनीकी खामियां सामने आई हैं.
AAIB की 15 पृष्ठों की रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान दोनों इंजनों के ईंधन स्विच अचानक हवा में ही बंद हो गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन की आपूर्ति रुक गई और उनका थ्रस्ट खत्म हो गया. यह हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है. ब्लैक बॉक्स डेटा से पता चला है कि स्विच को बाद में फिर से 'रन' स्थिति में लाया गया, लेकिन केवल इंजन 1 में आंशिक सुधार हुआ, जबकि इंजन 2 चालू नहीं हो सका.
बोइंग CEO ने एयर इंडिया प्रमुख से की बात
रिपोर्ट ने यह भी पुष्टि की कि उड़ान के कुछ ही देर बाद रैम एयर टर्बाइन (RAT) तैनात हो गई थी, जो यह दर्शाता है कि विमान की प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति विफल हो चुकी थी. विमान ने रनवे से उड़ान भरने के बाद तेजी से ऊंचाई खोना शुरू कर दिया और हवाई अड्डे की परिधि की दीवार को पार करने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
हादसे पर जताया दुख, सहयोग का वादा
रिपोर्ट जारी होने के कुछ घंटों बाद, बोइंग ने एक बयान में कहा कि वह जांच में पूर्ण सहयोग देगा और अपने ग्राहकों के साथ खड़ा रहेगा. बोइंग के अध्यक्ष और सीईओ केली ऑर्टबर्ग ने एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से बातचीत कर सहयोग का आश्वासन दिया. उन्होंने पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की.
बोइंग ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुच्छेद 13 के तहत जानकारी साझा करने के लिए AAIB पर निर्भर रहेगा.
इंजन फेलियर की जांच में बोइंग करेगा सहयोग
एयर इंडिया ने भी रिपोर्ट प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह सभी हितधारकों, नियामकों और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है. टाटा समूह के स्वामित्व वाली यह एयरलाइन पीड़ित परिवारों के प्रति गहरा शोक और समर्थन प्रकट करती है. यह हादसा न केवल तकनीकी विफलता की ओर इशारा करता है, बल्कि एविएशन सुरक्षा और प्रणालीगत सतर्कता की गंभीर आवश्यकता को भी रेखांकित करता है.


