“2 महीने बाद सीएम बनेंगे डीके शिवकुमार”, कांग्रेस विधायक के दावे से मचा घमासान

कर्नाटक में सीएम बदलाव की अटकलों के बीच विधायक इक़बाल हुसैन ने दावा किया कि डीके शिवकुमार दो महीने में मुख्यमंत्री बनेंगे. बयान पर कांग्रेस ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा. जबकि पार्टी ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया है. हुसैन ने 2028 चुनावों को कारण बताया.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासी गलियारों में इन दिनों हलचल तेज़ है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी हाईकमान राज्य में मुख्यमंत्री बदलने पर विचार कर रहा है. हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं की गतिविधियों से कयासों को और हवा मिल रही है.

कांग्रेस विधायक इक़बाल हुसैन ने एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी से हलचल बढ़ा दी है. उन्होंने कहा कि आगामी दो महीनों में डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी को अगर खुद को 2028 के विधानसभा चुनावों में बचाना है तो नेतृत्व में बदलाव करना अनिवार्य हो गया है. उनके अनुसार, प्रदेश बदलाव चाहता है और शिवकुमार जैसे मजबूत नेता को अब मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए.

‘2028 में सत्ता वापसी के लिए ज़रूरी है ये फैसला’

इक़बाल हुसैन ने जोर देकर कहा कि कर्नाटक को एक सक्षम और जनसंवेदनशील नेतृत्व की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार ने पार्टी के लिए हमेशा संघर्ष किया है और अब वक्त है कि पार्टी उन्हें नेतृत्व सौंपे. हुसैन के अनुसार, अधिकांश विधायक शिवकुमार के साथ हैं और यह उनकी राय का प्रतिबिंब है, न कि कोई व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा.

कांग्रेस ने भेजा कारण बताओ नोटिस

इक़बाल हुसैन के बयानों से पार्टी नेतृत्व नाराज़ नजर आया. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है. पार्टी का कहना है कि ऐसे सार्वजनिक बयान संगठन के अनुशासन के खिलाफ हैं और इससे जनता के बीच भ्रम फैलता है. कांग्रेस ने हुसैन के इस बयान को ‘शर्मनाक’ बताया है, वहीं कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया है.

फिलहाल बदलाव की संभावना नहीं

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी फिलहाल कर्नाटक में किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की जोड़ी को पार्टी ने संतुलन के रूप में तैयार किया था और हाईकमान चाहता है कि यह तालमेल 2028 तक जारी रहे.

राजनीतिक संकेत और अंदरूनी कलह

हालांकि, इक़बाल हुसैन जैसे विधायकों के बयानों से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के भीतर डीके शिवकुमार को लेकर समर्थन का बड़ा वर्ग मौजूद है. ऐसे में भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन को पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता. फिलहाल पार्टी इस मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चा से बचना चाहती है.

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