'पूरा पाकिस्तान हमारी रेंज में, छिपने की जगह नहीं बचेगी', DG आर्मी की चेतावनी

लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर डी'कुन्हा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब सिर्फ रक्षा नहीं करता, बल्कि पाकिस्तान की पूरी गहराई में घुसकर सटीक हमला करने की क्षमता रखता है. यह भारत की बदलती सैन्य रणनीति और आक्रामक नीति का प्रमाण है.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के सफल संचालन के बाद, भारतीय सेना के वायु रक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी'कुन्हा ने भारत की सैन्य क्षमताओं को लेकर एक बेहद स्पष्ट और सशक्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत के पास अब ऐसी ताकत है कि वह पाकिस्तान के किसी भी हिस्से में, चाहे वह रावलपिंडी हो, खैबर पख्तूनख्वा (KPK) हो या कोई और क्षेत्र, सटीकता से हमला कर सकता है.

डी'कुन्हा ने साफ शब्दों में कहा, “पूरा पाकिस्तान अब हमारी रेंज में है. अगर पाकिस्तानी सेना अपना मुख्यालय रावलपिंडी से KPK शिफ्ट भी कर दे, तो भी उन्हें छिपने के लिए एक गहरा गड्ढा खोजना होगा.” उनका यह बयान भारत की नई सैन्य रणनीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है.

ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक कार्रवाई

6-7 मई की रात, भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक हमले किए. इस ऑपरेशन में भारत ने लोइटरिंग म्यूनिशन, लॉन्ग-रेंज ड्रोन, और गाइडेड वेपन्स का कुशलतापूर्वक प्रयोग किया. भारत ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय, घुसपैठ के रास्तों और कंट्रोल रूम को निशाना बनाकर तबाह किया.

इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई ऐसे थे जो भारत में वांछित आतंकियों की सूची में शामिल थे. यह ऑपरेशन भारत की सैन्य रणनीति में आए बदलाव का प्रमाण है.

शिशुपाल सिद्धांत और आक्रामक सैन्य नीति

लेफ्टिनेंट जनरल डी'कुन्हा ने भारत की नई सैन्य सोच को "शिशुपाल सिद्धांत" कहा. उनके अनुसार, "जब तक सीमा पार नहीं होती, भारत सहिष्णु रहता है, लेकिन जैसे ही रेखा पार की जाती है, हमारी कार्रवाई निर्णायक और तीव्र होती है." यह नीति अब भारत को केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति की ओर ले जा रही है, जिससे दुनिया को यह स्पष्ट संकेत गया है कि भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर चल रहा है.

आत्मनिर्भरता और तकनीकी समन्वय

ऑपरेशन सिंदूर में भारत की स्वदेशी सैन्य तकनीक और सशस्त्र बलों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला. भारतीय सेना ने ड्रोन डिटेक्शन और इंटरसेप्शन सिस्टम की मदद से दुश्मन के UAVs को निष्क्रिय किया, जबकि लॉन्ग-रेंज मिसाइलों ने आतंकियों के अड्डों को बिना किसी नागरिक क्षति के नष्ट किया.

लेफ्टिनेंट जनरल डी'कुन्हा ने कहा कि “हमने न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि छावनियों, नागरिक क्षेत्रों और जवानों के परिवारों को भी सुरक्षित रखा. यही हमारी असली जीत है.” ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारत अब सैन्य रूप से तैयार, सक्षम और आत्मनिर्भर है.

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