'1500 करोड़ रुपये के किराए की बचत होगी...', कर्तव्य भवन के उद्घाटन पर बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 'कर्तव्य भवन' का उद्घाटन करते हुए इसे आधुनिक भारत की नीतियों की नई प्रयोगशाला बताया. इसके साथ ही, गुड गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम भी बताया.

Simran Sachdeva

Modi inaugurates Kartavya Bhawan: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन करते हुए इसे अमृतकाल के भारत की दिशा तय करने वाली नई प्रयोगशाला बताया. कर्तव्य पथ के पास निर्मित इस आधुनिक भवन को ना केवल सरकारी कार्यक्षमता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि ये भारत के नव-निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि का भी परिचायक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ये केवल एक इमारत नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों को साकार करने की तपोभूमि है.

पीएम मोदी ने इस भवन को लेकर स्पष्ट किया कि ये नीतियों का जन्मस्थल बनेगा और आने वाले सालों में भारत की दिशा यहीं से तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि ये बदलाव सिर्फ ईंट-पत्थर का नहीं, बल्कि सोच और संकल्प का भी है.

कर्तव्य भवन का उद्देश्य और महत्व

प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्तव्य भवन केवल एक इमारत का नाम नहीं है. ये उस भारत के निर्माण की नींव है, जिसकी कल्पना हम अमृत काल में कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि दशकों तक सरकारें ब्रिटिश काल की पुरानी इमारतों में काम करती रहीं, जहां ना पर्याप्त जगह थी, ना रोशनी और ना ही वेंटिलेशन. लेकिन अब वक्त बदल गया है. अब भारत को ऐसी सुविधाएं चाहिए जो कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाएं और फैसले तेजी से हों.

अधुनातन सुविधाएं और प्रशासनिक सुधार

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हर दिन 8-10 हजार कर्मचारियों को एक मंत्रालय से दूसरे में जाना पड़ता है, जिससे ना केवल समय और संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि कार्यकुशलता भी प्रभावित होती है. 21वीं सदी के भारत को ऐसी इमारतें चाहिए, जो तकनीक, सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से उत्कृष्ट हों. 

10 केंद्रीय सचिवालय और 15000 करोड़ की बचत

PM मोदी ने जानकारी दी कि कर्तव्य भवन जैसी 10 नई इमारतों के निर्माण से सरकार को 1,500 करोड़ रुपये के किराए की बचत होगी. प्रधानमंत्री ने बताया कि एक ओर कर्तव्य भवन बन रहा है, तो दूसरी ओर गरीबों के लिए 4 करोड़ से ज्यादा पक्के घर बन चुके हैं, 300 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं और 1300 से अधिक अमृत भारत रेलवे स्टेशन तैयार हो रहे हैं.

गुड गवर्नेंस और पारदर्शिता का नया युग

उन्होंने बीते 10 सालों को ‘गुड गवर्नेंस का दशक’ बताते हुए कहा कि गुड गवर्नेंस और विकास की धारा सुधारों की गंगोत्री से ही निकलती है. हमारी कार्यप्रणाली पारदर्शी और नागरिक केंद्रित हो गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार ने ऐसे 10 करोड़ फर्जी लाभार्थियों को हटाया है, जिनका कभी अस्तित्व ही नहीं था. गैस सब्सिडी, राशन कार्ड और स्कॉलरशिप जैसे योजनाओं में ये लीक बंद किया गया है, जिससे 4 लाख 30 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है.

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