महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बाहर से लाए गए 20 हजार वोटर्स, शिंदे के विधायक के बयान पर छिड़ा संग्राम

Maharashtra news: शिवसेना विधायक विलास भूमरे ने दावा किया कि उन्होंने पिछले चुनाव में अपने क्षेत्र के बाहर काम कर रहे 20,000 वोटरों को मतदान के दिन बुलाया था. इस पर कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे वोट चोरी बताया. विपक्ष ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Maharashtra news: जहां एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी महाराष्ट्र में फर्जी वोटिंग और मतदाता सूची में हेराफेरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक विलास भूमरे के बयान ने नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है. भूमरे ने दावा किया है कि पिछले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान वे अपने क्षेत्र के बाहर काम कर रहे करीब 20,000 वोटर्स को मतदान के दिन वापस लाए थे.

20,000 वोटर्स से 100% फायदा हुआ

छत्रपति संभाजीनगर में संत एकनाथ मंदिर परिसर में पार्टी की एक सभा को संबोधित करते हुए विधायक विलास भूमरे ने यह बयान दिया कि उन्होंने अपने क्षेत्र के 20,000 मतदाताओं को मतदान के दिन वापस बुलाया था. उन्होंने कहा कि ये वोटर मेरे निर्वाचन क्षेत्र से थे, लेकिन नौकरी या काम के सिलसिले में बाहर गए थे. मैंने उन्हें वापस बुलाकर मतदान कराया, जिससे मुझे 100% फायदा हुआ.

उसी मंच पर मौजूद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस बयान पर संज्ञान लिया और बीच में हस्तक्षेप कर पूछा कि ये मतदाता कहां से आए थे. तब भूमरे ने स्पष्ट किया कि सभी मतदाता उनके क्षेत्र के ही थे, लेकिन वे राज्य के बाहर काम कर रहे थे.

वोटर लिस्ट पर काम जरूरी

विलास भूमरे ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आगामी जिला परिषद और ग्राम पंचायत चुनावों के लिए वोटर लिस्ट पर फोकस करें. उन्होंने कहा कि शिंदे साहब हमें वोटर लिस्ट पर काम करने की सलाह देते हैं. यह बेहद जरूरी है कि कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करें ताकि एक भी मतदाता छूटे नहीं.

विपक्ष का पलटवार

कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा कि विलास भूमरे ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि उन्होंने वोट चोरी की है. ये एक गंभीर अपराध है. चुनाव आयोग को तत्काल संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए.

शिवसेना (UBT) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा कि मंच पर बैठे नेताओं ने इस बयान को हल्के में लिया और हंसते रहे. ये लोग संविधान का मजाक उड़ा रहे हैं. यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है.

चुनाव आयोग की निगरानी की मांग

विपक्ष ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की है. हालांकि, विधायक भूमरे ने मीडिया से बातचीत में फिर दोहराया कि उन्होंने कोई अवैध काम नहीं किया है. उन्होंने कहा कि उनका इरादा सिर्फ अपने क्षेत्र के पंजीकृत वोटरों को मतदान के लिए लाना था.

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