बंगाल के अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए 'जी का जंजाल' बना 'रिंगर लैक्टेट', जानें इसके बारे में...
बंगाल के एक अस्पताल में प्रसव के बाद पांच महिलाओं को गलत ड्रिप चढ़ा दी गई. गलत ड्रिप चढ़ने से एक महिला की मौत हो गई. यह घटना सीजेरियन ऑपरेशन के बाद हुई, जब इन महिलाओं को रिंगर लैक्टेट सलाइन दी गई.

कोलकाता के मिदनापुर मेडिकल कॉलेज (MMC) में प्रसव के बाद पांच महिलाओं को गलत ड्रिप चढ़ाने का मामला सामने आया है. इस दौरान एक महिला की मौत हो गई और तीन की हालत गंभीर बनी हुई है. यह घटना सीजेरियन ऑपरेशन के बाद हुई, जब इन महिलाओं को रिंगर लैक्टेट सलाइन दी गई. 22 वर्षीय ममोनी रुईदास की मौत दो दिन बाद हुई, जबकि अन्य तीन महिलाओं की स्थिति गंभीर है. इन महिलाओं के किडनी और लिवर में इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है और उन्हें डायलिसिस की आवश्यकता है. इनमें से दो महिलाएं वेंटिलेटर पर हैं, जबकि एक आईसीयू में भर्ती है. इन तीनों को एसएसकेएम अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
रिंगर लैक्टेट एक प्रकार का सलाइन होता है, जिसे आमतौर पर सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए दिया जाता है. जांच में यह सामने आया कि महिलाओं को जो सलाइन दी गई, वह एक्सपायरी थी, जिससे संक्रमण हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई. ममोनी रुईदास की मृत्यु भी एक्सपायर रिंगर लैक्टेट से हुए संक्रमण के कारण बताई जा रही है.
13 सदस्यीय समिति का गठन
अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले की जांच के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है. प्रारंभिक जांच में रिंगर लैक्टेट सलाइन के प्रयोग को संदिग्ध माना जा रहा है. यह सलाइन शरीर में तरल पदार्थ की कमी को पूरा करने के लिए दिया जाता है, लेकिन संदेह है कि जिस सलाइन का उपयोग किया गया, वह एक्सपायर और प्रतिबंधित थी. हालांकि, समिति अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है. समिति के एक सदस्य ने बताया कि रिंगर लैक्टेट पर शक जरूर है, लेकिन इसके अलावा अन्य पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है. समिति अब IV फ्लूइड के बैच की ड्रग एनालिसिस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके परिणामों के बाद ही इस मामले में ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जाएग. रिपोर्ट आने में लगभग दो हफ्ते का समय लग सकता है.


