महाराष्ट्र-बिहार के बाद यूपी पर नजर! क्या 2027 में अखिलेश के लिए चुनौती बनेंगे ओवैसी?
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में AIMIM ने 12 नगर निगमों में 126 सीटें जीतकर मजबूत उपस्थिति दर्ज की है. इस प्रदर्शन ने पार्टी को राज्य की स्थानीय राजनीति में एक अहम ताकत के रूप में स्थापित कर दिया है और मुस्लिम वोट बैंक में बदलाव के संकेत दिए हैं.

नई दिल्ली: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने राजनीतिक हलकों को चौंका दिया है. इन चुनावों में पार्टी ने 29 महानगरपालिकाओं में से 12 नगर निगमों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई. AIMIM ने कुल 126 सीटों पर जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि वह अब सिर्फ एक सीमित क्षेत्र की पार्टी नहीं रही.
अगर चुनावी नतीजों की तुलना की जाए, तो नगर निकाय स्तर पर AIMIM अब महाराष्ट्र में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से आगे निकलती नजर आ रही है. हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में AIMIM अभी भी NCP से पीछे है, लेकिन स्थानीय राजनीति में उसकी बढ़ती ताकत साफ दिखाई दे रही है.
मुस्लिम मतदाताओं से ओवैसी की लगातार अपील
2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही असदुद्दीन ओवैसी लगातार खास तौर पर मुस्लिम मतदाताओं से सीधे संवाद करते रहे हैं. उनका तर्क रहा है कि जिन दलों को मुस्लिम वोटर वर्षों से समर्थन देते आए हैं, वे भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति को प्रभावी रूप से चुनौती नहीं दे पाए.
शुरुआती वर्षों में ओवैसी की यह रणनीति ज्यादा असर नहीं दिखा पाई, लेकिन पिछले पांच से छह वर्षों में तेलंगाना के बाहर AIMIM को लगातार चुनावी सफलता मिलने लगी है. इससे यह संकेत मिलता है कि एक वर्ग अब ओवैसी की बातों से सहमत होता जा रहा है.
बिहार में AIMIM की पकड़ बरकरार
बिहार AIMIM के लिए एक अहम राज्य बनकर उभरा है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की. इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव में भी AIMIM ने पांच सीटें जीती थीं, हालांकि बाद में उनमें से चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे. इसके बावजूद, उन्हीं सीटों पर दोबारा जीत दर्ज करना यह दर्शाता है कि मतदाताओं का समर्थन पार्टी के साथ बना हुआ है. यह ओवैसी की जमीनी पकड़ और राजनीतिक प्रभाव को दिखाता है.
मुंबई में BMC चुनाव ने बढ़ाई चर्चा
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में AIMIM के प्रदर्शन ने खास ध्यान खींचा. पार्टी ने 8 वार्डों में जीत हासिल की, जो उसके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. मुंबई की मुस्लिम आबादी में करीब 30 प्रतिशत उत्तर भारतीय मुसलमान शामिल हैं. अब तक इस वर्ग में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी का प्रभाव माना जाता रहा है. लेकिन इस बार AIMIM की जीत ने यह दिखा दिया कि उत्तर भारतीय मुस्लिमों का एक बड़ा हिस्सा अब ओवैसी की पार्टी की ओर झुक रहा है.
बदलती राजनीति के संकेत
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के नतीजे यह संकेत देते हैं कि AIMIM अब केवल एक क्षेत्रीय या सीमित समुदाय की पार्टी नहीं रही. स्थानीय स्तर पर उसकी मजबूत उपस्थिति भविष्य की राजनीति को नया आकार दे सकती है. खासकर उत्तर भारत के राज्यों में, इन नतीजों के बाद राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है. AIMIM का यह प्रदर्शन बताता है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय और स्थानीय राजनीति में पार्टी की भूमिका और भी अहम हो सकती है.


