क्या मैं बाबर, जिन्ना या औरंगजेब का प्रवक्ता हूं... राम मंदिर पर चर्चा के बीच बोले ओवैसी

लोकसभा में ऐतिहासिक राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्छा शुरु होने पर चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बयान दिया है. 

Sagar Dwivedi
Edited By: Sagar Dwivedi

Asaduddin Owaisi: संसद के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है इस बीच ऐसा माना जा रहा है कि आज का सत्र बेहद अहम है. शनिवार 10 फरवरी को लोकसभा में अयोध्या में राम मंदिर पर भी चर्चा शुरू हो गई है. लोकसभा में ऐतिहासिक राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्छा शुरु होने पर चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बयान दिया है. 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, ''मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मोदी सरकार किसी खास समुदाय, धर्म की सरकार है या पूरे देश की सरकार है?'' भारत सरकार मेरा एक धर्म है? मेरा मानना ​​है कि इस देश का कोई धर्म नहीं है. 22 जनवरी के माध्यम से, क्या यह सरकार यह संदेश देना चाहती है कि एक धर्म ने दूसरे पर विजय प्राप्त की? 

आगे उन्होंने कहा कि, "आप देश के 17 करोड़ मुसलमानों को क्या संदेश देते हैं? क्या मैं बाबर, जिन्ना या औरंगजेब का प्रवक्ता हूं? मैं भगवान राम का सम्मान करता हूं लेकिन मैं नाथूराम गोडसे से नफरत करता हूं क्योंकि उसने उस व्यक्ति की हत्या की थी जिसके अंतिम शब्द 'हे राम' थे."

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 16 दिसंबर 1992 को संसद में एक प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि किस तरह से VHP, बजरंग दल और RSS ने देश में सांप्रदायिता फैलाई और मस्जिद को गिराया गया. इस लोकसभा में मस्जिद गिराने की निंदा की गई थी. आज यही सरकार 6 दिसंबर को जो घटना हुई, उसका जश्न मनाया जा रहा है. इस पर सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से किया गया. इसके बाद ही मंदिर निर्माण हुआ है.

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