'मुसलमानों को सिर्फ जलील करना उद्देश्य,' वक्फ बिल पर ओवैसी का कड़ा विरोध

लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे 2025 में लाए गए वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध करते हैं. उनका मानना है कि यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है और इसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन माना जाना चाहिए. 

Kamal Kumar Mishra

waqf Amendment Bill: वक्फ बिल को लेकर लोकसभा में एक जोरदार बहस हुई, जिसमें हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बिल के जरिए मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है और देश में इस बिल के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है.

ओवैसी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस बिल से यह स्पष्ट हो गया है कि प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि मस्जिदों की सुरक्षा की कोई बात नहीं की जा रही है. ओवैसी ने यह भी कहा कि इस बिल का उद्देश्य मुसलमानों को अपमानित करना है, और उन्होंने इस कानून को पूरी तरह नकारा किया. वे इसे गांधी की तरह फाड़ने की बात कर रहे थे.

लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे 2025 में लाए गए वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध करते हैं. उनका मानना है कि यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है और इसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन माना जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बिल के माध्यम से झूठ फैला रही है. ओवैसी ने यह भी कहा कि वक्फ एक धार्मिक संस्था है और इस पर सरकार का हस्तक्षेप संविधान के खिलाफ है.

ओवैसी ने बताया कैसे तैयार किया गया वक्फ संशोधन बिल

ओवैसी ने बिल के मसौदे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिल इस प्रकार से तैयार किया गया है कि वक्फ के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता, जबकि मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना संभव है. उन्होंने यह सवाल उठाया कि यह किस तरह का लोकतंत्र है, जहां एक धार्मिक संस्थान पर सरकार का इतना अधिक नियंत्रण है. ओवैसी ने यह भी कहा कि इस बिल का असली मकसद मुसलमानों को अपमानित करना है, और इसे गांधी की तरह फाड़ने की बात की.

मुसलमानों के प्रति नफरत का ओवैसी ने उठाया मुद्दा

उन्होंने यह भी सवाल किया कि मुसलमानों के प्रति इतनी नफरत क्यों है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब 2013 में वक्फ बिल पारित हुआ था, तो उस समय बीजेपी के प्रमुख नेता जैसे राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और आडवाणी मौजूद थे. ओवैसी ने गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि उस समय इस बिल को क्यों पारित होने दिया गया था, अगर इस बिल में इतनी समस्याएं थीं.

वहीं, इससे पहले लोकसभा में वक्फ बिल पर बहस करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगर 2013 में कांग्रेस सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम को पारित नहीं किया होता, तो आज नए कानून की जरूरत नहीं पड़ती.

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