पहली बार में नहीं दिखा रनवे, 8:43 मिनट पर मिली लैडिंग की अनुमति...फिर कुछ सेकेंड बाद ही हो गया हादसा

बारामती में अजीत पवार को ले जा रहे लीयरजेट 45 को दुर्घटना से एक मिनट पहले लैंडिंग की अनुमति मिली थी. रनवे न दिखने पर गो-अराउंड हुआ. आग लगने से विमान क्रैश हुआ. मामले की जांच AAIB कर रहा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

पुणेः नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बारामती हवाई अड्डे पर तैनात वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) अधिकारी के बयान के आधार पर जानकारी दी है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को ले जा रहे लीयरजेट 45 विमान को दुर्घटना से महज एक मिनट पहले ही लैंडिंग की अनुमति दी गई थी. यह हादसा बुधवार सुबह करीब 8:44 बजे हुआ, जिसमें विमान में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई.

मंत्रालय के अनुसार, विमान को उतरने की अनुमति दिए जाने के कुछ ही क्षण बाद रनवे के पास आग की लपटें देखी गईं और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

खराब मौसम में हो रही थी लैंडिंग प्रक्रिया

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि यह विमान दृश्य मौसम की स्थिति (Visual Meteorological Conditions) में उड़ान भर रहा था. इसका अर्थ है कि मौसम उड़ान के लिए अनुकूल था और पायलट को दृश्यता के आधार पर निर्णय लेने की अनुमति थी. एटीसी की ओर से चालक दल को इलाके, अन्य विमानों और जमीन से सुरक्षित दृश्य दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई थी. पायलटों ने लैंडिंग से पहले हवाओं और दृश्यता की जानकारी मांगी थी, जिस पर उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है.

पहली कोशिश में नहीं दिखा रनवे

मंत्रालय के बयान के अनुसार, विमान ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी थी, लेकिन उस समय पायलटों को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था. इसी कारण पहली लैंडिंग कोशिश के दौरान चालक दल ने ‘गो-अराउंड’ यानी दोबारा चक्कर लगाकर उतरने का फैसला किया. गो-अराउंड के बाद एटीसी ने विमान की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी. चालक दल ने दोबारा अंतिम अप्रोच की सूचना दी, लेकिन बताया कि रनवे अभी भी स्पष्ट नहीं दिख रहा है. कुछ सेकंड बाद पायलटों ने रनवे दिखाई देने की पुष्टि की.

आग की लपटें 

इसके बाद विमान को रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दे दी गई, हालांकि मंत्रालय के अनुसार चालक दल ने लैंडिंग क्लीयरेंस की औपचारिक पुष्टि नहीं की. कुछ ही पलों बाद एटीसी ने रनवे के थ्रेशहोल्ड के आसपास आग की तेज लपटें देखीं.

विमान का मलबा रनवे के बाईं ओर गिरा. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बारामती एक “अनियंत्रित हवाई क्षेत्र” है, जहां फ्लाइंग स्कूलों द्वारा एटीसी संचालन किया जाता है.

जांच एएआईबी के हवाले

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने इस हादसे की जांच अपने हाथ में ले ली है. एएआईबी के प्रमुख जांच अधिकारी दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं और दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.

विमान संचालक कंपनी पर भी नजर

दुर्घटनाग्रस्त लीयरजेट 45 विमान, जिसका पंजीकरण नंबर VT-SSK था, दिल्ली स्थित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था. हादसे के बाद कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी गई. कंपनी के मालिकों से संपर्क करने की कोशिश की गई है.

अधिकारियों के अनुसार, वीएसआर वेंचर्स एक गैर-निर्धारित ऑपरेटर है, जिसे मांग के आधार पर उड़ान संचालन की अनुमति होती है और विमान के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी उसी की होती है.

पायलट अनुभवी, दस्तावेज पूरे

डीजीसीए रिकॉर्ड के मुताबिक, विमान का निर्माण 2010 में हुआ था. इसे उड़ाने वाले पायलट और सह-पायलट के पास क्रमशः लगभग 15,000 और 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था. विमान के सभी अनिवार्य प्रमाणपत्र वैध थे और फरवरी 2025 में हुए अंतिम नियामक ऑडिट में कोई गंभीर सुरक्षा खामी नहीं पाई गई थी.

पहले भी हो चुका है हादसा

गौरतलब है कि वीएसआर वेंचर्स का एक अन्य लीयरजेट 45 विमान सितंबर 2023 में मुंबई हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है, हालांकि उस घटना में सभी यात्री जीवित बच गए थे.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag