मुजफ्फरपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात, चचेरे भाई ने की साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ दरिंदगी

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया है. आरोपी परिवार का ही सदस्य बताया जा रहा है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है.

Shraddha Mishra

बिहार के मुजफ्फरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. एक मासूम बच्ची के साथ हुई क्रूरता ने न सिर्फ इंसानियत पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया है. इस मामले में आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़िता का अपना चचेरा भाई बताया जा रहा है.

यह घटना करजा थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां 14 अप्रैल को 15 साल के एक किशोर ने साढ़े तीन साल की बच्ची को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया. इसके बाद उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. युवक ने बच्ची के साथ दरिंदगी की और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. इस घटना में बच्ची के प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी हालत बेहद खराब हो गई.

खून से सनी हालत में घर छोड़ा

घटना के बाद आरोपी बच्ची को लहूलुहान हालत में घर पर छोड़कर चला गया. जब बच्ची की मां राशन लेकर वापस लौटी, तो उसने बच्ची को दादी के पास बैठे देखा. बच्ची के शरीर से खून बहता देख वह घबरा गई. पूछने पर बच्ची ने इशारों में पूरी घटना की जानकारी दी.

आरोपी हिरासत में

मां तुरंत बच्ची को इलाज के लिए मड़वन सीएचसी ले गई, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया. इसके बाद करजा थाना में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है. 

जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके. वहीं, पीड़िता की मां ने बताया कि जब वह आरोपी के घर शिकायत करने गई, तो वहां से इलाज कराने की बात कही गई. लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पुलिस में केस दर्ज कराया. अब पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है.

तीन साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला

वहीं, इसी थाना क्षेत्र के एक अन्य गांव में तीन साल पहले हुई एक घटना में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है. 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दोनों को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है. दोषी राजकिशोर महतो और सितम कुमार महतो पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को बिहार प्रतिकर अधिनियम के तहत एक लाख रुपये देने की सिफारिश की है.

पीड़िता के पिता के अनुसार, अगस्त 2023 में उनकी बेटी घर से बाहर गई थी. उसी दौरान तीन युवकों ने उसे पकड़ लिया और नशा देकर बेहोश करने की कोशिश की. आरोप है कि उन्होंने उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की, लेकिन आसपास के लोगों के पहुंचने पर वे भाग निकले. इस मामले में तीसरे आरोपी के खिलाफ अलग से मुकदमा चल रहा है. पुलिस ने जांच पूरी कर बाकी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके आधार पर अदालत ने सजा सुनाई.

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