BJP ने एक साथ 4 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों का किया ऐलान, हर्ष मल्होत्रा को मिली दिल्ली की कमान
आगामी चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्ष बदलते हुए नए नए प्रदेश अध्यक्षों के नाम का ऐलान किया है. आइए जानते हैं किन नामों पर मुहर लगाई गई है.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी ने एक साथ चार राज्यों के नए प्रदेश अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है. इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मचा दी है.
नए प्रदेश अध्यक्षों की सूची
दिल्ली: हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है.
हरियाणा: अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा की कमान सौंपी गई है.
पंजाब: सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है.
BJP appoints Harsh Malhotra as the President of the Bharatiya Janata Party, Delhi unit. pic.twitter.com/wJZj5IvcGb
— ANI (@ANI) May 28, 2026
पंजाब की कमान संभालेंगे केवल सिंह ढिल्लों
पंजाब के नए भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बरनाला से आते हैं. वे दो बार विधायक रह चुके हैं. 2022 में संगरूर लोकसभा उपचुनाव और 2024 में बरनाला विधानसभा उपचुनाव में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था. ढिल्लों सिर्फ राजनीतिज्ञ ही नहीं, बल्कि एक सफल उद्योगपति भी हैं.
इलाके के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर उनका खास ध्यान रहता है. वे टकराव की राजनीति से दूर रहते हैं और काम पर फोकस करते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी उनकी अच्छी बनती रही है.
दिल्ली और हरियाणा में नई जिम्मेदारी
दिल्ली और हरियाणा दोनों ही भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राज्य हैं. हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां पार्टी पिछले कुछ समय से मजबूत स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है. वहीं अर्चना गुप्ता को हरियाणा में नई भूमिका मिली है.
त्रिपुरा में अभिषेक देवराय को पार्टी की कमान दी गई है. यह फैसला पूर्वोत्तर में भाजपा की पकड़ को और मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
क्यों किया गया यह बदलाव?
आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने संगठन को नई ऊर्जा देने का फैसला लिया है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरों के जरिए कार्यकर्ताओं में नई जोश भरा जा सकता है.
ये नियुक्तियां भाजपा के अंदरूनी संगठनात्मक बदलावों की दिशा को भी दिखाती हैं. अब देखना यह होगा कि नए अध्यक्ष अपने-अपने राज्यों में पार्टी को कितना मजबूत बना पाते हैं.


