आस्था और आधुनिक तकनीक का संगम... PM मोदी ने वीडियो शेयर करके दिखाई सोमनाथ की दिव्यता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में पूजा कर स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लिया. इस दौरान ड्रोन-लेजर शो और सामूहिक ओंकार नाद ने आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम को दर्शाया.

Shraddha Mishra

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में पूजा-अर्चना की. इन दिनों सोमनाथ में 8 से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री का भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया गया. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.

प्रधानमंत्री ने सोमनाथ दर्शन के बाद सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने लिखा कि सोमनाथ एक ऐसी दिव्य ज्योति है, जो सदियों से मानवता को मार्ग दिखाती आ रही है. उनके शब्दों में, यह मंदिर भारत की आस्था, संस्कृति और आत्मबल का जीवंत प्रतीक है.

लेजर, ड्रोन और संस्कृति का अद्भुत दृश्य

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर परिसर में आयोजित लेजर लाइट शो और ड्रोन शो में भी हिस्सा लिया. उन्होंने बताया कि यह अनुभव अत्यंत अद्भुत और भावनाओं से भरा हुआ था. करीब 3,000 ड्रोन की मदद से आकाश में प्रस्तुत दृश्य ने प्राचीन भारतीय आस्था और आधुनिक तकनीक के सुंदर मेल को दर्शाया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रकाश और संगीत से भरे आयोजन ने हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया. उनके अनुसार, सोमनाथ की पवित्र भूमि से उठता यह प्रकाश भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा रहा है.

‘ॐ’ के महत्व पर प्रधानमंत्री के विचार

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ॐ के महत्व पर भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि ॐ हमारे वेदों, उपनिषदों, शास्त्रों और वेदांत का सार है. ॐ ही ध्यान की शुरुआत है और योग का आधार भी. साधना में साध्य का रूप ॐ ही है और मंत्रों की शुरुआत तथा पूर्णता भी इसी से होती है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पर्व के दौरान 1000 सेकंड तक सामूहिक रूप से ओंकार नाद का उच्चारण किया गया. उन्होंने कहा कि इस सामूहिक ऊर्जा से उनका मन भीतर तक स्पंदित और आनंद से भर गया. यह अनुभव उनके लिए अत्यंत विशेष और स्मरणीय रहा.

इतिहास और आत्मसम्मान का प्रतीक सोमनाथ

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ आकर उन्हें हमेशा विशेष अनुभूति होती है. यह स्थल भारत की सभ्यता की दृढ़ता और आत्मसम्मान का प्रतीक है. उन्होंने याद दिलाया कि यह पर्व उस ऐतिहासिक क्षण से जुड़ा है, जब 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले को एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी सोमनाथ का पुनर्निर्माण और उसकी भव्यता यह दर्शाती है कि भारत की आस्था को कभी मिटाया नहीं जा सकता.

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