असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की 42 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट...जानें किसे कहां से मिला टिकट

असम में विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है. सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. इस बीच कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है.भाजपा और अन्य दल भी उम्मीदवार चयन और प्रचार अभियान पर फोकस कर रहे हैं. चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर सकता है, जिससे राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ेंगी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुँच गई है. मार्च-अप्रैल में होने वाले इन चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग कभी भी तारीखों की घोषणा कर सकता है. इस बीच कांग्रेस ने अपने 42 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर विपक्षी खेमे में हलचल पैदा कर दी है. इस सूची में दिग्गज सांसदों. पूर्व विधायकों और युवाओं को स्थान दिया गया है. पार्टी ने अपर असम से लेकर बराक घाटी तक हर क्षेत्र में अपने सबसे मजबूत मोहरे उतारे हैं.

सूची में कई कद्दावर नेताओं के नाम शामिल 

आपको बता दें कि कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में कई कद्दावर नामों को शामिल कर चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है. लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और जोरहाट के सांसद गौरव गोगोई अब जोरहाट विधानसभा सीट से मैदान में उतरेंगे. सिलचर से अभिजीत पॉल और माजुली से इंद्रनील पेगु को टिकट मिला है. दिसपुर सीट पर मीरा बोरठाकुर गोस्वामी अपनी किस्मत आजमाएंगी. रिपुन बोरा को बरचल्ला से उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह सत्ता की वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है.

आरक्षित सीटों पर विशेष ध्यान

पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आरक्षित सीटों पर सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है. बरपेटा (SC) से महानंदा सरकार और बोको-चायगांव (SC) से रामेन सिंह राभा को चुनावी रण में उतारा गया है. हाजो-सुआलकुची (SC) से नंदिता दास और जागीरोड (SC) से बुबुल दास मैदान में होंगे. राहा (SC) सीट से उत्पल बनिया को मौका दिया गया है. इन आरक्षित क्षेत्रों में मजबूत चेहरों को चुनकर कांग्रेस अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की रणनीति पर है.

सावधानी से किया उम्मीदवारों का चयन 

कांग्रेस ने लोअर और सेंट्रल असम के क्षेत्रों में भी अपने उम्मीदवारों का चयन काफी सावधानी से किया है. बोंगाईगांव से गिरीश बरुआ और कमलपुर से सत्यब्रत कलिता चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखाएंगे. दिगंता बर्मन को बरखेत्री और अशोक कुमार सरमा को नलबाड़ी से जिम्मेदारी दी गई है. सिपाझार से बिनंदा कुमार सैकिया और समागुरी से तंजील हुसैन जैसे चेहरों को मौका देकर पार्टी ने स्थानीय स्तर पर अपनी संगठनात्मक शक्ति को मजबूत करने का प्रयास किया है. तिहु से रतुल पटुवारी और रूपाहिहाट से नूरुल होदा भी प्रमुख उम्मीदवार हैं.

विधानसभा में शक्ति का संतुलन

असम विधानसभा में फिलहाल सत्ताधारी भाजपा का दबदबा है जिसके पास 64 विधायक मौजूद हैं. सहयोगियों के साथ मिलकर एनडीए की शक्ति काफी अधिक है. विपक्ष में कांग्रेस के पास 26 और एआईयूडीएफ के पास 15 विधायक हैं. वामपंथी दलों की भी छोटी मगर महत्वपूर्ण उपस्थिति सदन में है. कांग्रेस की यह पहली सूची उन 42 सीटों पर केंद्रित है जहाँ वह अपनी जीत को लेकर सबसे अधिक आश्वस्त है. पार्टी को उम्मीद है कि उम्मीदवारों की जल्दी घोषणा से उन्हें प्रचार में बढ़त मिलेगी.

2021 के प्रदर्शन से आगे की राह

साल 2021 के चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए ने 75 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी का नया रिकॉर्ड बनाया था. तब कांग्रेस नेतृत्व वाले महाजोत ने 50 सीटें हासिल की थीं. जो 2016 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन था. इस बार कांग्रेस का लक्ष्य उस गति को बरकरार रखते हुए सत्ता की दहलीज तक पहुँचना है. निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले कांग्रेस की यह कूटनीतिक सक्रियता दिखाती है कि वह भाजपा की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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