Iran israel war : तेहरान के बुशहर एयरपोर्ट पर बड़ा हमला, एक सिविलियन पैसेंजर एयरक्राफ्ट तबाह...देखें Video
मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां तेहरान के बूशहर एयरपोर्ट पर खड़ा एक यात्री विमान मिसाइल हमलों का शिकार हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान पार्किंग क्षेत्र में था और इसमें कोई यात्री सवार नहीं था. हमले से विमान को गंभीर क्षति पहुंची, लेकिन हवाई अड्डे पर कोई बड़ा नुकसान या हताहत की खबर नहीं है.

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग अब ईरान के नागरिक विमानन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तक पहुँच गई है. हाल ही में हुए इजरायली हमलों में दक्षिण ईरान के बुशहर बंदरगाह शहर पर बड़ा प्रहार किया गया है. इस हमले में बुशहर हवाई अड्डे पर खड़ा ईरान एयर का एक यात्री विमान पूरी तरह नष्ट हो गया. बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए रूस ने अपने परमाणु निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिया है. यह घटना क्षेत्र में एक नए और विनाशकारी मोड़ की ओर इशारा कर रही है.
बुशहर एयरपोर्ट पर बड़ा हमला
आपको बता दें कि ईरानी मीडिया के मुताबिक बुशहर एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए इजरायली प्रहार में जमीन पर खड़ा एक नागरिक यात्री विमान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है. हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन नागरिक विमानन पर इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. यह हमला उस वक्त हुआ जब इजरायल लगातार ईरान के अलग-अलग सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को अपनी मिसाइलों का निशाना बना रहा है.
Airport in Tehran Reportedly Attacked:
Witnesses report that Mehrabad Airport in Tehran was struck, with one passenger aircraft destroyed.#Tehran #Iran #Breaking pic.twitter.com/GsH6H8oiMJ— Cyrus (@Cyrus_In_The_X) March 3, 2026
परमाणु संयंत्र का निर्माण कार्य ठप
हमले की गूँज बुशहर स्थित ईरान के एकमात्र परिचालन परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी सुनाई दी. रूस की परमाणु ऊर्जा कंपनी 'रोसाटॉम' ने सुरक्षा चिंताओं के चलते संयंत्र की दूसरी और तीसरी इकाइयों का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. रोसाटॉम प्रमुख अलेक्सी लिकाचेव ने बताया कि वर्तमान सैन्य अभियान के कारण भविष्य के घटनाक्रम का पूर्वानुमान लगाना कठिन है. संयंत्र की सुरक्षा रूस की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है और वहाँ काम फिलहाल बंद है.
रूसी कर्मियों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा
लगातार हो रही बमबारी के बीच ईरान में मौजूद रूसी कर्मियों की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है. लिकाचेव के अनुसार. वर्तमान में ईरान में 639 रूसी कर्मचारी तैनात हैं. शनिवार को हमलों की शुरुआत के बाद लगभग 100 कर्मियों और उनके परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. अब भी तेहरान और बुशहर में मौजूद रूसी नागरिकों की निकासी प्रक्रिया जारी है. यह निकासी हवाई हमलों के बीच मिलने वाले अंतराल के दौरान की जा रही है ताकि जोखिम कम हो.
संपर्क और संचार का संकट
सैन्य तनाव का असर संचार व्यवस्था पर भी पड़ा है. रोसाटॉम के प्रमुख ने खुलासा किया कि फिलहाल ईरानी परमाणु उद्योग के नेतृत्व के साथ कोई टेलीफोनिक या इलेक्ट्रॉनिक संचार संभव नहीं हो पा रहा है. हालांकि. निर्माण स्थल पर मौजूद सहयोगियों के साथ संपर्क बना हुआ है. परमाणु संयंत्र के महज कुछ किलोमीटर दूर धमाकों की आवाज़ें सुनी जा रही हैं. संयंत्र खुद सीधे निशाने पर नहीं है. लेकिन आस-पास हो रहे हमले वहाँ काम कर रहे लोगों के लिए बड़ा खतरा हैं.
बढ़ती जंग के गंभीर परिणाम
एक नागरिक विमान का नष्ट होना और महत्वपूर्ण परमाणु परियोजनाओं का रुकना दिखाता है कि यह युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा. नागरिक बुनियादी ढाँचे पर होते ये प्रहार ईरान के आर्थिक और सामरिक भविष्य के लिए घातक साबित हो सकते हैं. इजरायल और अमेरिका के इन हमलों ने ईरान को बैकफुट पर धकेल दिया है. वैश्विक शक्तियाँ अब इस स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. क्योंकि परमाणु संयंत्र के पास युद्ध की आंच पहुँचने के वैश्विक परिणाम हो सकते हैं.


