ईरान-इजरायल युद्ध के बीच रूस का भारत को ऑफर, एनर्जी सेक्टर में मदद का दिया भरोसा
रूस ने खाड़ी संकट बढ़ने पर भारत को अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है. भारत के पास फिलहाल छह से आठ सप्ताह का कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार है, जो अल्पकालिक व्यवधानों से निपटने के लिए पर्याप्त है.

नई दिल्ली : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक तेल बाजार हिल गया है. भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है, इस स्थिति से सतर्क है. रूस ने अब भारत को ऊर्जा आपूर्ति में मदद का वादा किया है. सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं और वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी जारी है. इससे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद तत्काल संकट की आशंका कम है.
भारत को अतिरिक्त ऊर्जा सप्लाई करने को तैयार
आपको बता दें कि रूसी सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि मॉस्को खाड़ी संकट गहराने पर भारत को अतिरिक्त ऊर्जा सप्लाई करने को तैयार है. भारत ने पहले रूसी तेल खरीद को धीरे-धीरे कम करने का फैसला किया था, लेकिन अब अमेरिका के साथ समझौते की स्थिति अनिश्चित होने से यह विकल्प फिर मजबूत हुआ है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश अल्पकालिक व्यवधानों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
भारत के पास कुल 50 दिनों का कच्चा तेल
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत के पास कुल 50 दिनों का कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक है, जिसमें 25 दिन का कच्चा तेल और 25 दिन के परिष्कृत उत्पाद शामिल हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के आधे कच्चे तेल और एलपीजी आयात होते हैं. अमेरिका-इजरायल हमलों और ईरान की चेतावनियों के बाद जहाजों की बीमा कंपनियां कवर वापस ले रही हैं, जिससे परिवहन प्रभावित हुआ है.
एलपीजी और एलएनजी आयात बढ़ाने की योजना
अधिकारियों ने वैकल्पिक देशों से कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी आयात बढ़ाने की योजना बनाई है. कई आपूर्तियां अब होर्मुज पर निर्भर नहीं हैं. ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो संकट शुरू होने के बाद करीब 10 प्रतिशत अधिक है. इससे भारत का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर असर पड़ सकता है.
मंत्रालय ने 24x7 कंट्रोल रूम बनाया
पेट्रोलियम मंत्रालय ने 24x7 कंट्रोल रूम बनाया है, जो पूरे देश में ईंधन उपलब्धता पर नजर रख रहा है. वर्तमान भंडार को "उचित रूप से आरामदायक" बताया गया है. नागर विमानन मंत्रालय के निर्देश पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से एविएशन फ्यूल के स्टॉक और सात दिनों की जरूरतों का ब्योरा मांगा है. यह कदम सतर्कता के तौर पर उठाया गया है.
फिलहाल भारत की स्थिति मजबूत
होर्मुज से वैश्विक समुद्री कच्चे तेल का एक-तिहाई और एलएनजी का 20 प्रतिशत गुजरता है. लंबे व्यवधान से व्यापक प्रभाव पड़ सकता है. फिलहाल भारत की स्थिति मजबूत है, लेकिन सरकार हर स्थिति के लिए बैकअप प्लान तैयार रख रही है. रूस का समर्थन और विविध स्रोतों की खोज से ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिल रही है.


