दिल्ली छावनी में लहराया तिरंगा, विकसित भारत के संकल्प के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस
दिल्ली छावनी परिषद में 77वां गणतंत्र दिवस गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया, जहां तिरंगे के साथ विकसित भारत और हरित छावनी का संकल्प दोहराया गया।

दिल्ली छावनी परिषद परिसर में गणतंत्र दिवस की सुबह अलग ही उत्साह लेकर आई। चारों ओर साज-सज्जा थी। कर्मचारी और अधिकारी समय से पहले पहुंच चुके थे। राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। राष्ट्रगान की गूंज पूरे परिसर में सुनाई दी। हर चेहरा गंभीर और गर्व से भरा था। माहौल पूरी तरह अनुशासित रहा। यह आयोजन केवल औपचारिकता नहीं था। इसमें देश और संविधान के प्रति सम्मान साफ झलक रहा था।
कार्यक्रम का नेतृत्व किन अधिकारियों ने किया?
समारोह का नेतृत्व अध्यक्ष छावनी परिषद ब्रिगेडियर पी. के. मिश्रा ने किया। उनके साथ मुख्य अधिशासी अधिकारी श्री रॉबिन बलेजा मौजूद रहे। संयुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी श्री शुभम सिंघला भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तीनों अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को मजबूती दी। मंच से स्पष्ट संदेश गया कि छावनी परिषद एकजुट होकर काम कर रही है। नेतृत्व का यह स्वरूप कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक रहा। पूरे आयोजन में व्यवस्था चुस्त रही।
विकसित भारत @2047 को लेकर क्या कहा गया?
ब्रिगेडियर पी. के. मिश्रा ने अपने संबोधन में विकसित भारत @2047 के विजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर छावनी क्षेत्र में विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे। नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्राथमिकता है। छावनी क्षेत्र को साफ और सुरक्षित रखने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन जरूरी है। हरित छावनी का लक्ष्य कभी नजर से ओझल नहीं होना चाहिए।
विकास कार्यों को लेकर बोर्ड का क्या रुख रहा?
मुख्य अधिशासी अधिकारी रॉबिन बलेजा ने परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छावनी परिषद लगातार बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। सड़क, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छावनी परिषद देश के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार है। बोर्ड भविष्य की योजनाओं पर भी काम कर रहा है। उद्देश्य साफ है कि नागरिकों को बेहतर जीवन मिले।
छात्रों की प्रस्तुतियों ने क्या संदेश दिया?
छावनी परिषद विद्यालयों के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीत और नृत्य ने माहौल को भावुक बना दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास झलक रहा था। उनके शब्द और भाव सीधे दिल तक पहुंचे। छात्रों ने एकता और भाईचारे का संदेश दिया। दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। यह साफ दिखा कि नई पीढ़ी देश को लेकर सजग है। शिक्षा और संस्कार साथ-साथ चल रहे हैं।
कर्मचारियों को सम्मानित क्यों किया गया?
इस अवसर पर दिल्ली छावनी परिषद के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मंच पर बुलाया गया। अध्यक्ष ने उन्हें सम्मान पत्र दिए। यह सम्मान कर्मचारियों के लिए गर्व का क्षण था। इससे कार्य के प्रति उत्साह बढ़ता है। परिषद का संदेश साफ था कि अच्छा काम पहचान पाता है। कर्मचारियों ने भी भविष्य में बेहतर योगदान देने का संकल्प लिया।
समारोह का समापन किस संदेश के साथ हुआ?
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर जोर दिया गया। अध्यक्ष महोदय ने सभी से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत नागरिकों के सहयोग से बनता है। समारोह शांत और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सभी ने एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। वातावरण देशभक्ति से भरा रहा। यह आयोजन जिम्मेदारी और संकल्प की याद दिलाकर समाप्त हुआ।


