दिल्ली के चुनावी दंगल में आप और भाजपा आटो चले ड्राइवरों के रिक्शा पर सवार होने की तैयारी में, गारंटियों की लगी झड़ी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्करों के साथ बात करते हुए पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया कि वे दिल्ली के ई-रिक्शा वालों तक यह बात पहुंचाएं कि उन्हें भी तमाम सुविधाएं मिलेंगी। बीजेपी के इस कदम से साफ है कि इस बार राजनीतिक दलों की निगाहें इन वोटरों पर हैं।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

Delhi Election 2025 : दिल्ली का चुनावी दंगल तेजी पकड़ता जा रहा है। अब राजनीतिक दलों की नजरें दिल्ली के बड़े वोट बैंक आटो ड्राइवरों पर हैं। आम आदमी पार्टी और भाजपा दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुटी हुई हैं ताकि इन वोटों को अपने खाते में भुगताया जा सके। राजनीतिक पार्टियां 'रिक्शे' पर सवार होकर दिल्ली के सिंहासन तक पहुंचने के प्रयास में हैं। पहले जहां राजनीतिक पार्टियां ने आटो रिक्शा चालकों का भरोसा जीतने के लिए वादों का पिटारा खोला था, वहीं अब उनका भरोसा जीतने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घोषणा कर चुके हैं कि ई-रिक्शा चालकों को भी वो सभी सुविधाएं मिलेंगी, जिनका वादा आटो ड्राइवरों के साथ किया गया है। 

1,033,000 ई-रिक्शा रजिस्टर 

दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। दिल्ली सरकार के इकोनॉमिक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर, 2021 में राजधानी में 1,033,000 ई-रिक्शा थे। साल 2025 में इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खुद सरकार की 2023 की रिपोर्ट में 1,44,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की बात कही गई है। इनमें से अधिकतर ई-रिक्शा हैं।  दिल्ली में वोटिंग का एक पैटर्न बरसों से चला आ रहा है, जो अब तक भी नहीं बदला है। दिल्ली की जेजे कॉलोनी (झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनी) में बीजेपी का वोट शेयर बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। यहां तक कि जब 1993 में दिल्ली में बीजेपी की सरकार थी, तब भी इनमें से अधिकतर सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। दिल्ली में सत्ता की चाबी एक तरह से इन्हीं JJ Colony में रहने वाले के हाथ में है। ई-रिक्शा चलाने वाले अधिकतर ऐसी ही कॉलोनी या झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं। अगर बीजेपी इनका भरोसा जीतने में कामयाब रही तो आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर दे सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के चुनावों में 61 फीसदी गरीब वर्ग ने आम आदमी पार्टी का साथ दिया था, जबकि बीजेपी के पक्ष में 33 प्रतिशत लोगों ने वोट किया था। सभ्रांत वर्ग ने भाजपा का साथ दिया था। 

किसने क्या दी गारंटी

दिल्ली में 90,000 से ज्यादा ऑटो रिक्शा हैं। आम आदमी पार्टी और भाजपा ने विधानसभा चुनावों में उनसे कई वादे किए हैं। आम आदमी पार्टी ने ड्राइवरों को 10 लाख का लाइफ इंश्योरेस, 5 लाख का एक्सीडेंटल कवर, बेटी की शादी के लिए 1 लाख रुपये की मदद, 2500 रुपये साल में दो बार वर्दी बनवाने के लिए, बच्चों की कोचिंग का खर्च और फिर से 'पूछो एप'शुरू करने की गारंटी दी है। वहीं भाजपा ने दिल्ली ऑटो रिक्शा व टैक्सी ड्राइवर्स के लिए वेलफेयर बोर्ड का गठन, 10 लाख का जीवन बीमा और 5 लाख का एक्सीडेंटल कवर और आटो ड्राइवरों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप की गारंटी दे रखी है।

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