कुछ शक है... अजित पवार प्लेन हादसे की जांच में पारदर्शिता की मांग, रोहित पवार ने उठाए सवाल
अजित पवार के विमान हादसे पर रोहित पवार ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने विमान मेंटेनेंस, फ्लाइट बुकिंग, पायलट के रिकॉर्ड और जांच की पारदर्शिता पर शंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

नई दिल्ली: अजित पवार के विमान हादसे ने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को हिला दिया है. इस दुर्घटना के बाद जहां शोक और संवेदना का माहौल है, वहीं कई सवाल भी लगातार उठ रहे हैं. इन्हीं सवालों को लेकर उनके भतीजे रोहित पवार ने खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने दिल्ली प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके मन में कई शंकाएं हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए उन्होंने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी तैयार किया है.
रोहित पवार ने कहा कि उनके चाचा अजित पवार की जान जिस हादसे में गई, उसे लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार सिर्फ सच्चाई जानना चाहता है. उनका कहना था कि कुछ तथ्य ऐसे हैं जो सामने नहीं आए हैं और इन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
पुरानी दुर्घटना की रिपोर्ट पर भी सवाल
इससे पहले मुंबई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने विमान की मालिक कंपनी VSR पर सीधे सवाल उठाए थे. उन्होंने पूछा कि क्या विमान का नियमित मेंटेनेंस समय पर हुआ था? टेक्निकल लॉग कहां है? एयरवर्दी से जुड़ी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? उनका यह भी सवाल था कि क्या हादसे से पहले ट्रांसपोंडर को जानबूझकर बंद किया गया था.
रोहित पवार ने दावा किया कि साल 2023 में VSR के एक अन्य विमान से जुड़ा हादसा हुआ था, लेकिन उसकी अंतिम रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आई. उन्होंने आशंका जताई कि जांच एजेंसी पर दबाव हो सकता है. उनके अनुसार, अगर जांच पारदर्शी होगी तो सभी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि किसी भी तरह की शंका दूर हो सके.
फ्लाइट प्लान में आखिरी समय पर बदलाव क्यों?
रोहित ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. उन्होंने बताया कि अजित पवार पहले सड़क मार्ग से बारामती जाने वाले थे और उनके काफिले की तैयारी भी हो चुकी थी. फिर अचानक विमान से जाने का फैसला क्यों लिया गया? फ्लाइट की बुकिंग देर रात क्यों की गई? उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि बुकिंग और फ्लाइट हैंडलिंग से जुड़ी हर जानकारी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसी के दबाव में यात्रा की योजना बदली गई?
पायलट के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
रोहित पवार ने पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पिछले रिकॉर्ड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कपूर पहले शराब सेवन के मामले में निलंबित हो चुके थे. ऐसे में उन्हें उड़ान की जिम्मेदारी कैसे दी गई? उन्होंने यह भी पूछा कि लैंडिंग के समय पायलट की ओर से पर्याप्त संवाद क्यों नहीं हुआ. रनवे 29 की अनुमति मिलने के बाद रनवे 11 की मांग क्यों की गई, जबकि वह ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है?
रोहित के अनुसार, को-पायलट शांभवी पाठक को लियरजेट उड़ाने का अधिक अनुभव था. ऐसे में अंतिम निर्णय किस आधार पर लिया गया, यह स्पष्ट होना चाहिए. रोहित पवार ने अंत में कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सच्चाई जानना है. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, ताकि किसी भी तरह की अटकलों पर विराम लग सके और परिवार को न्याय मिल सके.


