Republic Day 2025: 3 हजार जवान, 100 लड़ाकू विमान…, जानें कैसी थी पहली गणतंत्र दिवस परेड?
Republic Day 2025: 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ. उस समय के गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने सुबह 10:18 बजे भारत को गणराज्य घोषित किया. इसके तुरंत बाद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और गणतंत्र भारत की पहली परेड का आयोजन हुआ.

Republic Day 2025: 26 जनवरी 1950 की ऐतिहासिक सुबह 10:18 बजे भारत का संविधान लागू हुआ और देश गणराज्य घोषित हुआ. तत्कालीन गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने इसे आधिकारिक रूप से लागू किया. केवल छह मिनट बाद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. इसी के साथ गवर्नर जनरल की व्यवस्था समाप्त हो गई.
पहली परेड का आयोजन
आपको बता दें कि गणतंत्र भारत की पहली परेड का आयोजन नेशनल स्टेडियम (तब इरविन स्टेडियम) में हुआ. डॉ. राजेंद्र प्रसाद बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन से निकले और नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों का दौरा करते हुए दोपहर 3:45 बजे स्टेडियम पहुंचे. यहां उन्होंने तिरंगा फहराया और 31 तोपों की सलामी दी. इसके साथ परेड की शुरुआत हुई.
3 हजार जवान और 100 लड़ाकू विमान बने हिस्सा
बता दें कि पहली परेड में थल सेना, वायु सेना और जल सेना की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया. तीन हजार जवानों की अगुवाई परेड कमांडर ब्रिगेडियर जेएस ढिल्लन ने की. वायु सेना के 100 विमानों ने अपनी उपस्थिति से आसमान में जलवा बिखेरा. डकोटा और स्पिटफायर विमानों ने परेड को विशेष बनाया. इस ऐतिहासिक परेड में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो मुख्य अतिथि थे.
झंडारोहण और विमानों की सलामी उड़ान
वहीं आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा फहराते ही चार बमवर्षक लिबरेटर विमानों ने विंग कमांडर एचएसआर गुहेल की अगुवाई में स्टेडियम के ऊपर सलामी उड़ान भरी. इस दौरान दृश्य-नियंत्रण के लिए एक विशेष कार को स्टेडियम में तैनात किया गया था, जो रेडियो संपर्क के माध्यम से विमानों का मार्गदर्शन कर रही थी.
परेड का बदलता रूट
इसके अलावा आपको बता दें कि 1950 से 1954 तक गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन अलग-अलग जगहों पर हुआ, जैसे इरविन स्टेडियम, किंग्सवे (राजपथ), लाल किला और रामलीला मैदान. 1955 में परेड का स्थायी रूट तय हुआ, जिसमें राजपथ से लाल किला तक परेड निकाली गई.


