जब गणतंत्र दिवस पर 'दुश्मन' देशों के नेताओं ने भी बढ़ाया भारत का मान, कुछ ऐसा था पूरा माहौल

Republic Day 2025: भारत हर वर्ष अपने गणतंत्र दिवस समारोह में वैश्विक नेताओं को आमंत्रित करता है. इस वर्ष, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. यह अवसर भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma

Republic Day 2025: भारत में गणतंत्र दिवस के मौके पर अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. इस बार 76वें गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. इस परंपरा की शुरुआत 1950 में हुई थी और तब से अब तक कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक हस्तियां इस आयोजन का हिस्सा बन चुकी हैं.

जब 'दुश्मन' देशों के नेताओं को बुलाया गया

आपको  बता दें कि इतिहास में ऐसा भी समय आया, जब भारत ने अपने 'दुश्मन' कहे जाने वाले देशों के नेताओं को गणतंत्र दिवस पर आमंत्रित किया. 1955 में पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट बने. यह वही वर्ष था जब पहली बार राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड आयोजित की गई. इसके बाद 1965 में पाकिस्तान के फूड एंड एग्रीकल्चर मंत्री राणा अब्दुल हमीद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया. इसी तरह, 1958 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मार्शल येन जियानयिंग को भी गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया गया. यह भारत की कूटनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू था, जो यह दर्शाता है कि भारत अपने राष्ट्रीय पर्वों में आपसी संबंधों को प्राथमिकता देता है.

हाल के वर्षों में गणतंत्र दिवस के अतिथि

वहीं आपको बता दें कि 2024 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, 2023 में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और 2020 में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो मुख्य अतिथि बने. 2018 में सभी 10 आसियान देशों के नेताओं ने इस समारोह में भाग लिया. 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, 2014 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और 1995 में दक्षिण अफ्रीका के नेल्सन मंडेला इस आयोजन के गवाह बने. इससे स्पष्ट होता है कि भारत के गणतंत्र दिवस का मंच विश्व स्तर पर राजनयिक संबंधों को मजबूत करने का एक प्रमुख माध्यम है.

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