SIR सर्वे के बड़ा फर्जीवाड़ा...सऊदी में रह रहे व्यक्ति के नाम पर जमा हुआ फॉर्म, दो गिरफ्तार
SIR सर्वे के दौरान ऐसा मामला सामने आया जिसने न केवल प्रशासन को चौंका दिया, बल्कि चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए .जहां विदेश में नौकरी कर रहे एक व्यक्ति के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर करके फॉर्म जमा किया गया

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में चुनावी प्रक्रिया के दौरान एक ऐसा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसने पूरे प्रशासन को हैरान कर दिया.SIR सर्वे से जुड़ा यह मामला चिलकाना थाना क्षेत्र के चौरान कलां गांव का है, जहां विदेश में रह रहे एक व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज जमा किए गए.यह घटना न केवल चुनावी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, बल्कि सिस्टम में मौजूद लापरवाही को भी उजागर करती है।
गांव के रहने वाले सुमन पिछले तीन साल से सऊदी में नौकरी कर रहे हैं.इस दौरान वह एक बार भी भारत नहीं आए.इसके बावजूद, SIR सर्वे के दौरान उनके नाम से एक फॉर्म जमा हुआ, जिस पर उनके हस्ताक्षर भी दिखाई दिए.जब सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संजय डाबरवाल 30 नवंबर को स्थलीय निरीक्षण के लिए गांव पहुंचे, तो पता चला कि सुमन लंबे समय से विदेश में हैं और उनके घर वालों के अनुसार उन्होंने किसी भी प्रकार का फॉर्म न तो भरा है और न ही हस्ताक्षर किए हैं।
अधिकारी ने गहराई से जांच की और पड़ोसियों व परिवार से बात की.इस दौरान मालूम हुआ कि फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर नकली हैं और यह हस्ताक्षर उनके ही एक करीबी रिश्तेदार ने किए थे.चौंकाने वाली बात यह रही कि संबंधित BLO ने बिना किसी सत्यापन के फॉर्म को स्वीकार कर लिया, जिससे फर्जीवाड़ा आसानी से पूरा हो गया.जब घर-घर जाकर दस्तावेजों का मिलान किया गया, तब पूरे मामले की असलियत खुलकर सामने आ गई।
फर्जी हस्ताक्षर पर केस दर्ज,
जांच के बाद सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संजय डाबरवाल ने सुमन के बड़े भाई अकरम और एक अन्य रिश्तेदार अमजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.यह मामला लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत दर्ज किया गया है, जो चुनावी धोखाधड़ी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखता है।
आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस ने तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए.SP और DSP की निगरानी में SHO विनोद कुमार की टीम ने तेजी से कार्रवाई की.7 दिसंबर 2025 को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति प्रणाली का दुरुपयोग करने की कोशिश न करे।


