फैज-ए-इलाही पथराव का दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन! धमाके से पहले 15 मिनट मस्जिद में रुका था आतंकी उमर
दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी उमर उन नबी वारदात से पहले तुर्कमान गेट की मस्जिद गया था. इसी बीच इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तनाव और पत्थरबाजी हुई.

नई दिल्ली: दिल्ली में हुए विस्फोट मामले को लेकर जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ब्लास्ट का आरोपी आतंकी उमर उन नबी वारदात से पहले तुर्कमान गेट के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद में गया था. बताया जा रहा है कि वह मस्जिद के अंदर करीब 15 मिनट तक रुका. इस पूरी गतिविधि का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी मस्जिद के भीतर दिखाई दे रहा है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्लास्ट से पहले उसका वहां जाने का उद्देश्य क्या था और उसने वहां किन लोगों से संपर्क किया.
जांच एजेंसियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आतंकी की गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मस्जिद में रुकने के दौरान उसने किसी से मुलाकात की या किसी तरह की योजना बनाई थी. इस पहलू को ब्लास्ट की साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है.
तुर्कमान गेट इलाके में देर रात बुलडोजर एक्शन
इस खुलासे के बीच मंगलवार देर रात दिल्ली नगर निगम ने तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की. रामलीला मैदान के पास चलाए गए इस अभियान में 10 बुलडोजर और 15 से अधिक जेसीबी मशीनों को लगाया गया. कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. इस दौरान नारेबाजी भी की गई.
भारी पुलिस बल रहा तैनात
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थिति को संभालने के लिए 9 जिलों के डीसीपी स्तर के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया था. करीब एक हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए. मलबा हटाने के लिए 70 से ज्यादा डंपर और लगभग 150 नगर निगम कर्मचारी काम पर जुटे रहे. कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल मौजूद है और हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं.
पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी घायल
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि पत्थरबाजी करने वाले लोगों की पहचान सीसीटीवी कैमरों की मदद से की जाएगी. घायल पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज करने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी. पुलिस के मुताबिक, इस तरह की घटना की आशंका नहीं थी और पत्थरबाजी केवल 25 से 30 लोगों द्वारा की गई.
यातायात पर असर और धारा लागू
सुरक्षा कारणों से रामलीला मैदान की ओर जाने वाले सभी रास्तों को फिलहाल बंद कर दिया गया है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि सुबह 11 बजे के बाद यातायात प्रतिबंधों में कुछ राहत दी जा सकती है. कार्रवाई के दौरान फैज-ए-इलाही मस्जिद की 0.195 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी सभी अवैध निर्माण को हटा दिया गया है. इनमें लाइब्रेरी, डिस्पेंसरी और बैंक्वेट हॉल शामिल थे. वर्तमान में इलाके में बीएनएस की धारा 164 लागू कर दी गई है.


