उमर खालिद को ममदानी की चिट्ठी के बाद बीजेपी ने लगाया राहुल गांधी पर यूएस लॉबी से संबंधों का आरोप
भाजपा ने उमर खालिद के समर्थन में अमेरिकी सांसदों की कार्रवाई को भारत-विरोधी साजिश करार दिया और राहुल गांधी पर आरोप लगाए. खालिद की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जबकि कांग्रेस और गांधी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

नई दिल्लीः न्यूयॉर्क के नव निर्वाचित मेयर ज़ोहरान ममदानी द्वारा उमर खालिद के समर्थन में बयान देने और आठ अमेरिकी सांसदों द्वारा भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर जेल में बंद कार्यकर्ता के लिए निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई की मांग करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे भारत-विरोधी साजिश करार दिया. भाजपा ने कहा कि इस कथित साजिश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हैं.
राहुल गांधी का अमेरिकी सांसदों के संबंध
भाजपा ने राहुल गांधी और अमेरिकी सांसद जेनिस शाकोव्स्की के बीच 2024 में हुई Rahul Gandhi USA meeting का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस नेता विदेशों में भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं. शाकोव्स्की उन सात सांसदों में शामिल थीं, जिन्होंने भारत सरकार से उमर खालिद की जमानत और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की थी.
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि जो लोग भारत की सशक्त सरकार को कमजोर करना चाहते हैं और आतंकवाद विरोधी कानूनों को प्रभावित करना चाहते हैं, वे राहुल गांधी के इर्द-गिर्द इकट्ठा होते दिखते हैं. भाजपा ने इसे BJP allegation के तहत एक अंतरराष्ट्रीय अभियान बताया.
HOW THE RAHUL GANDHI - ANTI INDIA LOBBY WORKS?
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 2, 2026
2024:
Jan Schakowsky meets Rahul Gandhi in the United States — along with Anti India Ilhan Omar.
January 2025:
She reintroduces the “Combating International Islamophobia Act”, explicitly naming India and alleging “crackdowns on… pic.twitter.com/1ly4te2Bds
भारत का जिक्र
भंडारी ने बताया कि जनवरी 2025 में शाकोव्स्की ने ‘अंतर्राष्ट्रीय इस्लामोफोबिया का मुकाबला करने वाला अधिनियम’ पेश किया, जिसमें भारत का नाम लिया गया और कथित तौर पर मुस्लिम समुदायों पर कार्रवाई का जिक्र किया गया. भाजपा का दावा है कि यह घटना Umar Khalid case और विदेशों में भारत विरोधी गतिविधियों के बीच सीधा संबंध दर्शाती है.
अमेरिकी सांसदों के पत्र में जमानत की मांग
30 दिसंबर को शाकोव्स्की ने भारत सरकार को पत्र लिखकर Omar Khalid bail petition और निष्पक्ष मुकदमे की मांग की. पत्र में खालिद के सह-आरोपियों के साथ समान व्यवहार की भी मांग की गई. डेमोक्रेट जिम मैकगवर्न ने X पर लिखा कि खालिद पांच साल से अधिक समय से जेल में बंद है और आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिले.
सांसदों ने भारत को याद दिलाया कि अंतर्राष्ट्रीय संधियों के अनुसार सभी व्यक्तियों को उचित समय में मुकदमा या रिहाई का अधिकार है. भाजपा ने इसे विदेशों से चलाए जा रहे India-bashing campaign का हिस्सा बताया.
कांग्रेस की चुप्पी
इस मामले में कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. भाजपा ने कहा कि विदेशी सांसदों द्वारा किए गए कदम और कांग्रेस नेताओं की बैठकों के बीच स्पष्ट संबंध है.
न्यूयॉर्क मेयर का संदेश
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने खालिद को पत्र लिखकर प्रोत्साहित किया और उनके माता-पिता से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की.
सुप्रीम कोर्ट में याचिका लंबित
उमर खालिद की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारी की पीठ ने बहस पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.


