किसान, श्रमिक, वैज्ञानिक से लेकर एथलीट तक...77वें गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे 10 हजार खास मेहमान

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस पर मेहमानों के लिए खास व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पिछले साली की तरह इस साल भी उतकृष्ट कार्य करने वाले 10 हजार खास मेहमानों को भी शामिल किया गया है. इसमें देश के अन्नदाता( किसान), श्रमिक, वैज्ञानिक से लेकर एथलीट तक शामिल हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को इस बार पहले से कहीं अधिक समावेशी और जनकेंद्रित बनाने की तैयारी की गई है. सरकार ने देश के अलग-अलग कोनों से अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले करीब 10 हजार विशिष्ट नागरिकों को इस ऐतिहासिक आयोजन में आमंत्रित किया है. इन खास मेहमानों में किसान, श्रमिक, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शोधकर्ता और उद्यमी शामिल हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर पर बदलाव की मिसाल पेश की है.

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को राष्ट्रीय मंच

आपको बता दें कि सरकार का फोकस इस बार आय और रोजगार सृजन में योगदान देने वाले इनोवेटर्स, स्टार्ट-अप्स, स्वयं सहायता समूहों और प्रमुख सरकारी योजनाओं के अंतर्गत बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों पर रहा है. इन अतिथियों में वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रयासों से स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया और दूसरों के लिए प्रेरणा बने.

खेल, विज्ञान और कृषि से जुड़े प्रेरणादायक चेहरे
खास मेहमानों की सूची में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ी, प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसान और इसरो के गगनयान, चंद्रयान जैसे ऐतिहासिक अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिक भी शामिल हैं. इन सभी को राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए सम्मान के रूप में इस राष्ट्रीय समारोह का हिस्सा बनाया गया है.

स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार को भी मिला सम्मान
इसके साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पेशेवरों को भी इस बार विशेष आमंत्रण दिया गया है. इसके साथ ही रेहड़ी-पटरी विक्रेता, लोक कलाकार, गायक और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर सफल व्यवसाय खड़ा करने वाली महिलाएं भी गणतंत्र दिवस समारोह की शोभा बढ़ाएंगी. यह पहल समाज के हर वर्ग की भागीदारी को दर्शाती है.

राष्ट्र निर्माण में भागीदारी को मिलेगी नई पहचान
सरकार का मानना है कि इस तरह के आमंत्रण से न केवल इन लोगों के योगदान को सम्मान मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय आयोजनों में आम नागरिकों की भागीदारी भी मजबूत होगी. यह कदम लोकतंत्र को और अधिक सहभागी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

खास मेहमानों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
कर्तव्य पथ पर इन विशिष्ट अतिथियों के लिए बैठने की अलग और विशेष व्यवस्था की गई है. परेड के बाद इनके लिए दिल्ली भ्रमण और केंद्रीय मंत्रियों से संवाद का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है, ताकि वे शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया से सीधे जुड़ सकें.

VIP कल्चर से दूरी, नदियों के नाम पर दीर्घाएं
इस बार रक्षा मंत्रालय ने वीआईपी संस्कृति को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. दर्शक दीर्घाओं का नामकरण भारत की प्रमुख नदियों के नाम पर किया गया है. गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, नर्मदा, सतलुज, तीस्ता, महानदी और अन्य नदियों के नाम पर बनी दीर्घाएं देश की सांस्कृतिक एकता और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक बनेंगी.

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