लिफ्ट देने के बहाने अगवा, हरियाणा में दोस्तों ने मिलकर किया गैंगरेप, पीड़िता ने की जान देने की कोशिश
पलवल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. 19 साल की एक युवती को लिफ्ट देने के बहाने अगवा कर गुरुग्राम ले जाया गया, जहां चार लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया.

गुरूग्राम: हरियाणा के पलवल जिले में एक दिल दहला देने वाला गैंगरेप का मामला सामने आया है. जहां एक 19 वर्षीय युवती के साथ उसके जान-पहचान के दो युवकों ने गैंगरेप किया. युवती घर लौटने के बाद फांसी लगाकर जान देने की कोशिश कि लेकिन परिवार ने उसे बचा लिया. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और दोनों फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है. आरोपी पीड़िता के ही गांव के रहने वाले हैं.
पूरा मामला
17 मार्च की रात जब युवती अपने चाचा के घर से पैदल लौट रही थी, तब दोनों आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने उसे कार में बैठाया. इसके बाद उन्हें गुरुग्राम ले जाकर एक किराए के फ्लैट में ले गए और वहां युवती के साथ सामूहिक गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.
फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश
18 मार्च की सुबह युवती घर पहुंची तो उसने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की. परिवार वालों ने तुरंत उसे बचा लिया. पहले उसे नजदीकी प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत बिगड़ने पर फरीदाबाद के धौज स्थित दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया. बाद में स्थिति नाजुक देखते हुए उसे नूंह के नलहर स्थित सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया.
पीड़िता का इलाज और बयान
फिलहाल पीड़िता की हालत स्थिर है और उसका इलाज चल रहा है. सोमवार को जब वह बोलने की स्थिति में आई, तब पलवल पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया. युवती ने बताया कि वारदात 17 मार्च की रात हुई थी.
आरोपी गांव के ही रहने वाले
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चूंकि युवती दोनों आरोपियों को जानती थी, इसलिए वह बिना किसी शंका के कार में बैठ गई. दोनों आरोपी पीड़िता के ही इलाके में रहते हैं.
आरोपी फरार, पुलिस की तलाश
रात को युवती घर नहीं लौटी तो परिवार ने तलाश शुरू कर दी. 18 मार्च सुबह करीब 10:30 बजे आरोपियों ने युवती को गांव के पास छोड़ दिया और फरार हो गए. पलवल के उटावर पुलिस स्टेशन की SHO इंस्पेक्टर रेनू शेखावत ने कहा कि आरोपी फिलहाल फरार हैं. पीड़िता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. उसका मेडिकल टेस्ट भी करवाया जा रहा है. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया जाएगा.


