99.98% अपटाइम का दावा और तत्काल में हैंग! रेल मंत्री के बयान के बाद यूजर्स का गुस्सा फूटा
मंगलवार को IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार एरर मैसेज आने की शिकायतें आईं. शिकायतों को देखते हुए विभाग ने सफाई दी है.

आज 13 दिसंबर 2025 को देश भर में ट्रेन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल मंगलवार को IRCTC की वेबसाइट और ऐप पर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार एरर मैसेज आने की शिकायतें आईं. कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताया और रेलवे सिस्टम की आलोचना की.
यूजर्स की शिकायतें
सोशल मीडिया पर लोगों ने स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिनमें 'एरर' या 'कनेक्शन इश्यू' का मैसेज दिख रहा था. एक यूजर ने कहा कि तत्काल बुकिंग दलालों के लिए ही लगती है, आम लोग कभी टिकट नहीं बुक कर पाते. दूसरे ने पूछा कि हर बार यही ड्रामा क्यों होता है. कुछ ने ऐप को घटिया बताया और कहा कि समय बर्बाद होने से मानसिक तनाव होता है. कई ने पेमेंट कटने के बाद भी टिकट न मिलने की शिकायत की.
@irctc_app is a JOKE!! Rail ONE app is also a joke. Entire system is shitty and buggy. A person waits, be on time and then gets stuck in the app causing mental stress and self harassment. It’s a torture. @IRCTCofficial is waste. Totally. The Servers. Apps. People. Everything. pic.twitter.com/UhAoEFFIGk
— Sagar Relan (@Sagar_Relan) December 23, 2025
बड़ा आउटेज नहीं, लेकिन पीक टाइम में दिक्कत
शिकायत करने के बावजूद भी कोई बड़ा आउटेज नहीं हुआ, लेकिन तत्काल के समय (सुबह 10 और 11 बजे) सिस्टम हैंग हो रहा था. डाउनडिटेक्टर पर करीब 56 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें ज्यादातर वेबसाइट और ऐप से जुड़ी थीं. यूजर्स का कहना है कि पेमेंट हो जाता है, लेकिन टिकट कन्फर्म नहीं होता.
रेल मंत्री के दावे के बाद बढ़ा विवाद
यह शिकायतें तब आईं जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 4 दिसंबर को कहा था कि अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक IRCTC वेबसाइट 99.98% समय चलती रही. अब लोग पूछ रहे हैं कि इतने अच्छे सिस्टम में तत्काल के समय समस्या क्यों आती है. RCTC ने कुछ शिकायतों पर जवाब दिया कि समस्या की जांच के लिए उनकी हेल्पलाइन पर संपर्क करें.
लेकिन बड़े स्तर पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया. यात्रियों की मांग है कि सिस्टम को मजबूत बनाया जाए ताकि आम लोग आसानी से टिकट बुक कर सकें. यह समस्या नई नहीं है, लेकिन हर बार त्योहारों या पीक सीजन में ज्यादा सामने आती है. उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही कोई स्थायी समाधान निकलेगा.


