क्रोएशिया में खालिस्तानी समर्थकों ने फिर किया तिरंगे का अपमान, भारत लेगा सख्त एक्शन
क्रोएशिया में भारतीय दूतावास पर खालिस्तानी समर्थकों की घुसपैठ और तिरंगे के अपमान पर भारत ने कड़ी निंदा की. विदेश मंत्रालय ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की और इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन बताया.

नई दिल्लीः भारत ने गुरुवार को क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब में स्थित भारतीय दूतावास में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा की गई घुसपैठ और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की तीखी निंदा की. विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इसमें शामिल लोगों को हर हाल में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिनों बाद नई दिल्ली में भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है.
विदेशों में दूतावासों को निशाना बनाने की कड़ी
यह घटना खालिस्तानी तत्वों द्वारा विदेशों में भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की हालिया श्रृंखला का हिस्सा मानी जा रही है. इससे पहले भी कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों पर इसी तरह की गतिविधियां देखी जा चुकी हैं. हालांकि क्रोएशिया जैसे यूरोपीय संघ के सदस्य देश में इस तरह की घटना को भारत ने विशेष रूप से चिंताजनक बताया है.
वीडियो में दिखा तिरंगे का अपमान
खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में दावा किया गया कि 22 जनवरी को एक खालिस्तानी कार्यकर्ता ने जाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास में घुसकर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज उतार दिया और उसकी जगह पीला खालिस्तानी झंडा लगा दिया. वीडियो के सामने आने के बाद भारत ने इस पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन बताया.
विदेश मंत्रालय का सख्त बयान
विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि क्रोएशिया में भारतीय दूतावास के खिलाफ की गई घुसपैठ और तोड़फोड़ की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की जाती है. मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इनके पीछे मौजूद लोगों की मंशा और चरित्र को भी उजागर करती हैं. भारत ने उम्मीद जताई कि स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस पर उचित कार्रवाई करेंगी.
वियना कन्वेंशन का हवाला
भारत ने स्पष्ट किया कि वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक परिसरों की सुरक्षा करना मेजबान देश की जिम्मेदारी है और ऐसे परिसर “अभेद्य” होते हैं. मंत्रालय ने बताया कि इस मुद्दे को नई दिल्ली और जाग्रेब दोनों जगहों पर क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया गया है और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की गई है.
गणतंत्र दिवस से पहले उकसावे की कोशिश
गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो में दावा किया कि यह कार्रवाई 26 जनवरी यानी भारत के गणतंत्र दिवस से पहले जानबूझकर की गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों को लेकर दिए गए बयान में उसने भारत को निशाना बनाने जैसी भड़काऊ बातें भी कहीं. गौरतलब है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे.
खालिस्तानी नारे और धमकियां
घटना के दौरान दूतावास की दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद जैसे नारे भी लिखे गए. बाद में पंजाब से दिए गए एक बयान में पन्नू ने दावा किया कि आने वाले समय में भारतीय दूतावासों पर तिरंगा फहराने के दिन गिने-चुने रह गए हैं, जो भारत के लिए एक और उकसावे भरा बयान माना जा रहा है.
पहले भी उठा चुका है भारत मुद्दा
भारत इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका के सामने SFJ और नामित आतंकवादी पन्नू की गतिविधियों को लेकर औपचारिक आपत्ति दर्ज करा चुका है. इनमें हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, भारतीय मिशनों को निशाना बनाना और राजनयिकों को धमकाने जैसे आरोप शामिल हैं. भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा.


