'जिसकी लाठी उसकी भैंस', वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले पर शशि थरूर का करारा तंज

वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है. भारत में भी इस कार्रवाई पर सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है. भारत में भी इस कार्रवाई पर सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी कदम पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया, जबकि अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे आधुनिक दौर का साम्राज्यवाद करार दिया है.

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद बढ़ा वैश्विक तनाव

अमेरिका ने देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद दोनों के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा चलाने की तैयारी की जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी साफ किया कि फिलहाल वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा.

शशि थरूर की दो टूक

लोकसभा सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.

एक्स पर पोस्ट करते हुए थरूर ने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर को कुछ सालों से तोड़ा जा रहा है. आज जंगल का कानून चल रहा है. 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' ही नया नियम है."

अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया '21वीं सदी का साम्राज्यवाद'

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अमेरिका के कदम की आलोचना की. उन्होंने इसे सत्ता परिवर्तन की जबरन कोशिश बताया.

सिंघवी ने एक्स पर लिखा, "क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन, युद्धपोत से लोकतंत्र और खुद बनाए गए सिद्धांत के तहत संप्रभुता को फिर से लिखना? यह लीडरशिप नहीं है, यह 21वीं सदी की भाषा में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद है. अगर अंतर्राष्ट्रीय कानून सिर्फ कमजोरों के लिए मायने रखता है, तो यूएन को बंद हो जाना चाहिए. दुनिया नियमों की हकदार है, न कि सनकी शासकों की."

दुनियाभर से अमेरिका की कार्रवाई पर नाराजगी

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. चीन, रूस, फ्रांस और ईरान सहित कई देशों ने इस कार्रवाई की आलोचना और निंदा की है.

भारत ने जताई गहरी चिंता

भारत ने भी वेनेजुएला में तेजी से बदलते हालात पर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय ने कहा "वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं. हम तेजी से बदलती स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं."

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद के जरिए समाधान का समर्थन करता है. "भारत वेनेजुएला के लोगों के कुशल-क्षेम और उनकी सुरक्षा के प्रति समर्थन की फिर पुष्टि करता है. हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं."

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag