SCO मंच पर एक साथ मोदी और रूसी राष्ट्रपति, PM मोदी ने ट्वीट कर कहा- पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात...

चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मिले. पीएम मोदी का भाषण वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है. इसमें आतंकवाद, सीमा-पार हिंसा, स्थानीय करेंसी में व्यापार और SCO डेवलपमेंट बैंक जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं. साथ ही, यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर भी बातचीत की संभावना है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

SCO Summit 2025 : चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का शिखर सम्मेलन औपचारिक रूप से शुरू हो गया है. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आए. सम्मेलन की शुरुआत ने ही सदस्य देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है.

पीएम मोदी की कूटनीतिक मुलाकातें
आपको बता दें कि सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की विशेष मुलाकात तय है. इस बैठक में दोनों नेता यूक्रेन युद्ध, वैश्विक स्थिरता और व्यापारिक चुनौतियों पर गहन चर्चा कर सकते हैं. खासकर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसलों का असर भी दोनों देशों के बीच वार्ता का हिस्सा बन सकता है.

PM मोदी के ट्वीट्स से झलका सकारात्मक रुख
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने ट्वीट कर अपनी कूटनीतिक पहल का संकेत दिया. उन्होंने लिखा कि तियानजिन में राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान उपयोगी और सकारात्मक रहा. एक अन्य ट्वीट में उन्होंने पुतिन से मुलाकात को ‘हमेशा खुशी देने वाला अनुभव’ बताया.

मोदी के भाषण पर दुनिया की निगाहें 
वहीं, दुनियाभर की निगाहें अब प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर टिकी हुई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उनका संबोधन न केवल आतंकवाद और उग्रवाद जैसे अहम मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख दिखाएगा, बल्कि आने वाले दशक के लिए SCO की विकास रणनीति का भी मार्गदर्शन करेगा. चूंकि SCO दुनिया की आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इस शिखर सम्मेलन में लिए गए फैसले बेहद महत्वपूर्ण होंगे.

इन मुद्दों पर बोल सकते हैं PM मोदी 
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन में आतंकवाद, अलगाववाद और सीमा-पार हिंसा के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की अपील कर सकते हैं. साथ ही, वह पहलगाम हमले और अन्य आतंकी गतिविधियों का मुद्दा उठाकर आतंकवाद के प्रायोजकों को अलग-थलग करने की मांग करेंगे. इसके अलावा, मोदी स्थानीय करेंसी में व्यापार बढ़ाने और SCO डेवलपमेंट बैंक की स्थापना के प्रस्ताव को भी आगे बढ़ा सकते हैं.

यूक्रेन युद्ध पर शांति की पहल
यूक्रेन युद्ध भी चर्चा का एक बड़ा हिस्सा होगा. हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत कर युद्धविराम की अपील की थी. ऐसे में संभावना है कि पुतिन से मुलाकात में मोदी इस मुद्दे को शांति और कूटनीतिक समाधान के माध्यम से सुलझाने पर जोर देंगे. यह शिखर सम्मेलन भारत के लिए न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक राजनीति में भी अपनी मजबूत भूमिका स्थापित करने का अवसर है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag