दक्षिण में मोदी का आक्रामक प्रचार, राहुल गायब! क्या टूट रहा है कांग्रेस-DMK गठबंधन

तमिलनाडु चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार रैलियों से माहौल बना रहे हैं, वहीं राहुल गांधी की गैरमौजूदगी ने कांग्रेस-DMK गठबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: तमिलनाडु में चुनावी माहौल तेजी से गर्म हो रहा है, जहां एक ओर भाजपा और एनडीए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की रणनीति को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार दौरे और रैलियों ने चुनावी रंग और गहरा कर दिया है.

इसके उलट कांग्रेस नेता राहुल गांधी का अब तक राज्य में चुनाव प्रचार से दूर रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. उनकी गैरमौजूदगी ने कांग्रेस और डीएमके गठबंधन के बीच सबकुछ ठीक न होने की अटकलों को हवा दे दी है.

पीएम मोदी का ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार

नरेंद्र मोदी ने पिछले दो महीनों में तीन बार तमिलनाडु का दौरा किया है और एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं.

उनका यह अभियान जारी रहेगा और 15 अप्रैल को वे नागरकोइल में एक बड़ी जनसभा को संबोधित कर वोट मांगेंगे.

राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

राहुल गांधी ने अभी तक तमिलनाडु में चुनाव प्रचार नहीं किया है. उनकी इस दूरी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के बीच सबकुछ सामान्य नहीं है.

राजनीतिक विश्लेषक इस स्थिति की तुलना 2021 के विधानसभा चुनाव से कर रहे हैं, जब राहुल गांधी ने जनवरी में ही तीन दिवसीय दौरे के साथ प्रचार की शुरुआत कर दी थी.

पुडुचेरी में दिखी दूरी

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुडुचेरी में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अपने संबोधन में सहयोगी पार्टी डीएमके और उसके नेता एम. के. स्टालिन का नाम तक नहीं लिया.

दिलचस्प बात यह रही कि उसी दिन स्टालिन भी पुडुचेरी में मौजूद थे, लेकिन दोनों नेताओं के कार्यक्रम इस तरह तय किए गए कि उनका आमना-सामना न हो सके. राहुल गांधी ने सुबह प्रचार किया, जबकि स्टालिन शाम को पहुंचे.

सीट बंटवारे को लेकर बढ़ी खींचतान?

डीएमके के एक पदाधिकारी ने कहा,"राहुल ने अपने भाषण में एक बार भी स्टालिन के नाम का जिक्र नहीं किया."

इसके जवाब में स्टालिन ने भी राहुल गांधी का कोई उल्लेख नहीं किया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दूरी सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच हुए मतभेदों का नतीजा हो सकती है.

DMK की सफाई

गठबंधन में दरार की खबरों के बीच डीएमके के संगठनात्मक सचिव आर.एस. भारती ने कहा कि दोनों पार्टियों के कार्यक्रम पहले से तय थे और आखिरी समय में बदलाव संभव नहीं था. उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों नेता जल्द ही एक साथ प्रचार करते नजर आएंगे.

राहुल गांधी के दौरे पर सस्पेंस

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के तमिलनाडु दौरे का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है. हालांकि, संभावना जताई जा रही है कि असम, केरल और पुडुचेरी में पहले चरण के मतदान के बाद वे राज्य में प्रचार के लिए पहुंच सकते हैं.
कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, राहुल गांधी 10 अप्रैल के बाद तमिलनाडु का दौरा कर सकते हैं.

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