भारत की 'मदर ऑफ ऑल डील' से बदला ग्लोबल समीकरण, कनाडा भी करीब आया, अमेरिका की बढ़ी बेचैनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच, भारत ने यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को फाइनल करके एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. इस ऐतिहासिक समझौते को "मदर ऑफ ऑल डील" कहा जा रहा है, और इसने ग्लोबल लेवल पर भारत की आर्थिक ताकत को और मजबूत किया है.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच भारत ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगा दी है. इस ऐतिहासिक समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा जा रहा है, जिसने वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक ताकत को और मजबूती दी है.
दिल्ली में जहां इस अहम डील पर सहमति बनी, वहीं दूसरी ओर कनाडा भी भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता दिख रहा है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे की तैयारी और मंत्रियों की यात्राएं इसी बदले हुए वैश्विक रुख की ओर इशारा कर रही हैं.
ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच भारत-यूरोपीय संघ की बड़ी डील
डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत को टैरिफ को लेकर चेतावनी देते रहे, लेकिन भारत ने दबाव में आने के बजाय यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप दे दिया. इस समझौते को वैश्विक व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस डील की घोषणा करते हुए कहा,"लोग, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को मदर ऑफ ऑल द डील्स (सबसे अहम समझौता) बता रहे हैं."
वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत हिस्सा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,"यह वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है." उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ यूरोपीय नागरिकों के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा.
पीएम मोदी ने इसे विश्व की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा,"यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया भर के हर व्यवसाय व हर निवेशक का भारत पर भरोसा बढ़ाएगा."
कनाडा भी भारत की ओर झुका
भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कनाडा भी सक्रिय नजर आ रहा है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च में भारत का दौरा कर सकते हैं, जबकि उनके मंत्री टिम हॉजसन इसी सप्ताह भारत पहुंच रहे हैं.
कनाडा में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने एक इंटरव्यू में कहा कि कार्नी की भारत यात्रा के दौरान यूरेनियम, एनर्जी, मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में समझौते हो सकते हैं.
अमेरिका से परे साझेदारी बढ़ाने की कोशिश में कनाडा
मार्क कार्नी अमेरिका पर निर्भरता कम करने और कनाडा के वैश्विक गठबंधनों को विविध बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. भारत के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत करना इसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है.
पटनायक ने कहा,"मुझे लगता है कि हम मार्च के पहले हफ़्ते पर विचार कर रहे हैं." उन्होंने यह भी कहा कि दो साल तक बातचीत ठप रहने के बाद अब दोनों देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
दावोस के बाद ट्रंप को कार्नी का कड़ा जवाब
हाल में दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के बाद मार्क कार्नी ने डोनाल्ड ट्रंप को कड़ा जवाब दिया था. उन्होंने कहा था," कनाडा अमेरिका की वजह से नहीं जीता है. कनाडा इसलिए आगे बढ़ता है क्योंकि हम कैनेडियन हैं."
दरअसल, ट्रंप ने दावा किया था कि कनाडा अमेरिका की वजह से अस्तित्व में है, जिस पर कार्नी ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
ट्रंप की चेतावनी और कनाडा का रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी थी कि यदि वह चीन के साथ कोई डील करता है तो उस पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. इसके जवाब में कार्नी ने कहा कि कनाडा यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करता है और नॉन-मार्केट इकोनॉमी वाले देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नहीं करेगा.
पटनायक ने यह भी कहा कि भारत लगातार नए व्यापारिक समझौतों की तलाश में है और वैश्विक स्तर पर अपनी साझेदारियां मजबूत कर रहा है.


