UN में भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना, सेना की बढ़ती भूमिका पर उठाए सवाल
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन और सेना को दी गई बढ़ी शक्तियों पर कड़ी आपत्ति जताई. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कानून के शासन पर आत्मनिरीक्षण की सलाह दी.

नई दिल्ली: वैश्विक मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसके आंतरिक राजनीतिक और संवैधानिक घटनाक्रमों पर कठोर लेकिन स्पष्ट संदेश दिया है. पाकिस्तान में 27वें संवैधानिक संशोधन के पारित होने और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाए जाने के कुछ महीनों बाद, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पड़ोसी देश की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान को कानून के शासन और सेना की बढ़ती भूमिका पर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि वहां लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह सवाल उठाया कि आखिर कैसे पाकिस्तान ने अपने संविधान में संशोधन कर सशस्त्र बलों को अत्यधिक शक्तियां दे दीं और रक्षा बलों के प्रमुख को आजीवन कानूनी छूट प्रदान कर दी.
हरीश ने कहा कि किसी भी देश के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है जब सेना को संवैधानिक बदलावों के जरिए असाधारण अधिकार दिए जाएं. उन्होंने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह अपने संवैधानिक विकास में सेना की भूमिका पर गंभीरता से विचार करे.
पाकिस्तान के संविधान में 27वां संशोधन
पिछले वर्ष नवंबर में पाकिस्तान के संविधान में 27वां संशोधन पारित किया गया था. इस संशोधन के बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज नियुक्त किया गया. इस पद के जरिए सेना, नौसेना और वायुसेना- तीनों की कमान एक ही व्यक्ति के हाथों में दे दी गई. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सिफारिश पर मुनीर को पांच साल के कार्यकाल के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
इसके अलावा, उन्हें गिरफ्तारी और अभियोजन से आजीवन छूट भी दी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ीं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी इस संशोधन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इसे बिना व्यापक चर्चा और नागरिक समाज से परामर्श के जल्दबाजी में पारित किया गया.
ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान के दावों का जवाब
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए पार्वथानेनी हरीश ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान के बयानों को भ्रामक और स्वार्थपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि का उद्देश्य केवल भारत और उसके नागरिकों को बदनाम करना है.
भारत ने स्पष्ट किया कि 7 मई 2025 को शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ एक सीमित और सटीक कार्रवाई थी. यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी.
संतुलित और जिम्मेदार रुख पर भारत का जोर
भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया पूरी तरह संतुलित, जिम्मेदार और तनाव कम करने वाली थी. उन्होंने यह भी बताया कि इसी दौरान पाकिस्तान ने ही भारत से शत्रुता समाप्त करने की अपील की थी. भारत ने दोहराया कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा, लेकिन क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता रहेगी.


