ट्रेड डील फाइनल: भारत-EU ने साइन किया मेगा एग्रीमेंट, अमेरिका क्यों हो गया अलर्ट?

भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं. इस 'मदर ऑफ ऑल डील्स' से 90% से अधिक भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ खत्म होंगे. निर्यात में तेज उछाल, नए रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर अब आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर हो गए हैं. इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है, क्योंकि यह समझौता 1.9 अरब से अधिक उपभोक्ताओं और विश्व की GDP का लगभग 25 प्रतिशत नियंत्रित करने वाले बाजeर को जोड़ने की क्षमता रखता है.

इस समझौते की पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. व्यापार सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत और ईयू के वार्ताकारों ने इस महत्वाकांक्षी, संतुलित और भविष्य के लिए काफी खास FTA को सफलतापूर्वक अंतिम रूप दिया है. यह समझौता दोनों पक्षों के लिए समान रूप से लाभकारी माना जा रहा है.

समझौते का वैश्विक महत्व

यह FTA लगभग 25 प्रतिशत वैश्विक GDP और 1.9 अरब से अधिक उपभोक्ताओं को जोड़ते हुए विश्व व्यापार में बड़ा योगदान देगा. EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और 2023-24 में भारत-ईयू के बीच वस्तुओं का व्यापार 135 बिलियन डॉलर था.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता विश्व की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का आदर्श उदाहरण है. यह वैश्विक GDP का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा दर्शाता है.

व्यापारिक अवसर और लाभ

इस FTA के तहत भारत के उत्पादों पर 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को समाप्त किया जाएगा. विशेष रूप से वस्त्र, चमड़ा, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है. इन क्षेत्रों में यूरोपीय निर्माताओं के साथ प्रतिस्पर्धा कम होने के कारण यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा.

इससे पहले, भारतीय निर्यातकों को बांग्लादेश जैसे कम विकसित देशों से ड्यूटी-फ्री और कोटा-फ्री शिपमेंट के कारण कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था. इस FTA के लागू होने के बाद यह असमानता समाप्त हो जाएगी.

अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ रणनीतिक कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करेगा. इस FTA को ब्रिटेन और EFTA के समझौतों के साथ भी पूरक माना गया है. यह समझौता डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ-केंद्रित नीतियों के प्रतिकूल प्रभाव के खिलाफ एक रणनीतिक संतुलन के रूप में देखा जा सकता है. पिछले साल अगस्त में ट्रंप ने भारत से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ और रूस से तेल खरीद पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था.

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह समझौता जून 2022 में पुनः शुरू हुई वार्ताओं का परिणाम है, जो लगभग नौ वर्षों के अंतराल के बाद हुआ. ईयू के प्रमुख और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर बैठक की.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag