संसद में SIR विवाद पर गरमाया माहौल, विपक्ष के हंगामे से लोकसभा दोपहर 1 बजे तक स्थगित
संसद का मानसून सत्र सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब विपक्षी दलों ने बिहार में चुनाव आयोग के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को लेकर जमकर विरोध किया. नतीजतन, दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.

संसद का मानसून सत्र सोमवार को जब फिर से शुरू हुआ, तो एक बार फिर विपक्षी दलों ने बिहार में चल रहे चुनाव आयोग के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर जमकर हंगामा किया. ऑपरेशन सिंदूर पर बहस शुरू होने से पहले ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों को हंगामे के कारण दोपहर तक के लिए स्थगित करना पड़ा. इस बीच, लोकसभा में सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारत की जवाबी कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बहस प्रस्तावित है.
इस अहम मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारने को तैयार हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर बाद लोकसभा में इस विषय पर सरकार की ओर से बोलेंगे, जबकि विपक्ष की ओर से लोकसभा में डिप्टी लीडर गौरव गोगोई मोर्चा संभालेंगे.
बिहार SIR को लेकर संसद में टकराव
जैसे ही सोमवार सुबह प्रश्नकाल के लिए लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने SIR को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी. सदन में “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारों के बीच स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष से अपील की कि सदन को चलने दिया जाए, क्योंकि दिन में ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर चर्चा होनी है. लेकिन विपक्ष की नारेबाजी के चलते दोनों सदनों को दोपहर 1 बजे तक स्थगित करना पड़ा.
क्या है SIR विवाद?
चुनाव आयोग द्वारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत गरमा गई है. विपक्ष का आरोप है कि यह कवायद बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है. वहीं चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है और इसका मकसद केवल यही सुनिश्चित करना है कि सिर्फ पात्र मतदाता ही वोट डालें.
“बिना प्रक्रिया के नहीं हटेगा कोई नाम”
27 जुलाई को जारी बयान में निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि मसौदा मतदाता सूची से किसी भी नाम को बिना प्रक्रिया, पूर्व सूचना और 'स्पीकिंग ऑर्डर' के नहीं हटाया जाएगा. आयोग ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के पीछे 10 अहम उद्देश्य हैं, जिनका लक्ष्य समावेशिता और पारदर्शिता है.
ऑपरेशन सिंदूर' बहस का बिगुल
इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले और भारत की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर आज से लोकसभा में बहस शुरू होनी थी. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 आम नागरिकों की मौत हो गई थी. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले कर जवाब दिया.
NDA और विपक्ष की सीधी भिड़ंत
इस अहम चर्चा के लिए सत्ता पक्ष की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता गौरव गोगोई समेत कई दिग्गज मैदान में हैं. माना जा रहा है कि यह बहस सुरक्षा नीति, विदेश नीति और केंद्र सरकार के रुख को लेकर गर्मागर्म साबित होगी.


