एअरलाइंस की मनमानी पर लगेगी लगाम, पीएम मोदी ने दिए सख्त निर्देश

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर बढ़ती मनमानी और यात्रियों को हो रही असुविधाओं ने केंद्र सरकार को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया है. पीएम मोदी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इस मामले से सख्ती से निपटने और यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पर बढ़ती मनमानी और यात्रियों को हो रही असुविधाओं ने केंद्र सरकार को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया है. हाल ही में जिस तरह इंडिगो के परिचालन में गड़बड़ियों ने यात्रियों को बेहाल किया और इसके बावजूद नागरिक उड्डयन नियामक संस्था DGCA भी निर्णायक कदम उठाने में कमजोर दिखी, उसने सरकार को झटका देने के साथ-साथ परेशान भी किया है.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब इंडिगो के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी चल रही है और व्यापक स्तर पर एयरलाइंस सेक्टर के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया जा रहा है. इसमें एयर किराए में मनमानी, अचानक बढ़ोतरी और परिचालन अव्यवस्थाओं जैसे मुद्दों पर सख्ती से कार्रवाई शामिल होगी.

प्रधानमंत्री ने दिए कड़े निर्देश

जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इस मामले से सख्ती से निपटने और यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने PM को विस्तृत रिपोर्ट सौंपते हुए बताया कि इंडिगो की अव्यवस्थाओं ने कैसे बड़े पैमाने पर यात्रियों को प्रभावित किया.

प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी एयरलाइन को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ समझौता करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सूत्रों के अनुसार, जांच कर रही चार सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. इसमें इंडिगो पर भारी जुर्माना, कुछ मार्गों पर उड़ानें कम करना या जरूरत पड़ने पर रूट आवंटन वापस लेना जैसे कदम शामिल हो सकते हैं. यहां तक कि इंडिगो के सीईओ को हटाने की सिफारिश भी की जा सकती है.

सरकार का संदेश: दबाव में नहीं झुकेगी भारत

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी निजी कंपनी देश पर दबाव बनाकर नियमों को प्रभावित नहीं कर सकती. हालांकि, सरकार की प्राथमिकता फिलहाल अगले दो–तीन दिनों में इंडिगो की सभी उड़ानों को सामान्य करना है, जबकि एयरलाइन अभी भी कम से कम एक सप्ताह का समय मांग रही है.

किराए और संचालन पर सख्त नजर

सूत्र बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते सरकार सीधे किराए तय नहीं कर सकती, लेकिन एयरलाइंस द्वारा लगातार अनुचित फायदा उठाने पर रोक लगाने के लिए नई गाइडलाइंस ज़रूर बनाई जा सकती हैं. कोविड काल में भी सरकार ने किराए की सीमा तय की थी और इस बार भी आवश्यकता होने पर ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं.

कोहरे के लिए नई व्यवस्था तैयार होगी

सरकार ने DGCA को निर्देश दिया है कि वह अपनी निगरानी व्यवस्था को मजबूत करे और नियमित रूप से उच्च स्तर पर रिपोर्ट दे. इसके अलावा, सर्दियों में कोहरे के कारण बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए DGCA से विशेष प्रोटोकॉल तैयार करने को भी कहा गया है.

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