नारी शक्ति वंदन एक्ट पर पीएम मोदी का बयान- 'मैं यहां प्रवचन देने नहीं, महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं'
सोमवार को राजधानी दिल्ली में हुए नारी शक्ति वंदन कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए PM मोदी ने भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उदाहरण देते हुए महिला लीडरशिप की तारीफ की.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया है. सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में उन्होंने कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है और महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम है.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उदाहरण देते हुए महिला नेतृत्व की सराहना की.
मैं यहां किसी को उपदेश देने नहीं आया: PM मोदी
सम्मेलन में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मैं यहां किसी को उपदेश देने या किसी को जगाने नहीं आया हूं. मैं यहां सिर्फ इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं."
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी और इस पर करीब चार दशकों से चर्चा चल रही है. इसमें सभी राजनीतिक दलों और कई पीढ़ियों के प्रयास शामिल रहे हैं.
विपक्ष के समर्थन की सराहना
पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष के समर्थन की भी सराहना की. उन्होंने कहा, "2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था, तब भी सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था. तब एक सुर में ये बात भी उठी थी कि इसे हर हाल में 2029 तक लागू हो जाना चाहिए. खासकर, हमारे विपक्ष के सभी साथियों ने मुखर होकर इस बात पर जोर डाला था कि 2029 में ये लागू हो जाना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा, "हमारा प्रयास और प्राथमिकता है कि इस बार भी ये काम संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो. मुझे पूरा विश्वास है कि जिस प्रकार से इस अधिनियम को पारित किया गया था और संसद का गौरव बढ़ा था. इस बार भी सबके सामूहिक प्रयास से संसद की गरीमा और नई ऊंचाइयों को छुएगी."
महिला नेतृत्व के उदाहरण
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति जी से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं. उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है."
उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और करीब 21 राज्यों में उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.
महिलाओं के लिए सरकार के कदम
पीएम मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, "आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं. मुद्रा योजना में 60% से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं. देश के स्टार्टअप रिवोल्युशन को भी महिलाएं लीड कर रही हैं. आज 42% से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है."
उन्होंने आगे कहा, "महिलाओं के करियर पर भी प्रभाव न पड़े, इसके लिए हमने मैटरनिटी लीव को भी बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया है. दुनिया के समृद्ध देशों में भी ये सुविधा नहीं है. जब मैं उनको इसके बारे में बताता हूं, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह जाती हैं."


