भारत-ब्राजील की नई रणनीति, ट्रंप टैरिफ के बीच अहम होगी राष्ट्रपति लूला और PM मोदी की मुलाकात

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा भारत दौरे पर हैं, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम वार्ता करेंगे. व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी, जो वैश्विक टैरिफ तनाव के बीच दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: भारत और ब्राजील के रिश्तों को नई दिशा देने के उद्देश्य से ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा आज भारत पहुंच रहे हैं. यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक हालात के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का बड़ा कदम माना जा रहा है. खास बात यह है कि लूला अपने साथ अब तक का सबसे बड़ा ब्राजीलियाई प्रतिनिधिमंडल लेकर आ रहे हैं, जिसमें कई मंत्री और उद्योग जगत के प्रमुख चेहरे शामिल हैं.

राष्ट्रपति लूला 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे 21 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. यह मुलाकात व्यापार, ऊर्जा, खनिज, औषधि और विमानन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित रहेगी. उनकी यात्रा का समय भी खास है, क्योंकि यह 16 से 20 फरवरी तक चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ मेल खा रहा है. इससे साफ है कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी दोनों देश सहयोग के नए रास्ते तलाश सकते हैं.

वैश्विक व्यापार तनाव के बीच अहम यात्रा

लूला की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दुनिया में व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के दौरान ब्राजील और भारत दोनों पर ऊंचे टैरिफ लगाए गए थे. 2025 में ब्राजील पर कई वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाकर लगभग 50 प्रतिशत तक कर दिया गया था.

ब्राजील ने इस फैसले को विश्व व्यापार संगठन में चुनौती दी. भारत को भी भारी टैरिफ का सामना करना पड़ा, हालांकि बाद में अमेरिका के साथ समझौते के बाद इसे कम कर दिया गया. इन परिस्थितियों में भारत और ब्राजील के बीच सहयोग बढ़ाना दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई गति

भारत और ब्राजील पहले ही आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना करने पर सहमति जता चुके हैं. ब्राजील भारत को अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए बड़ा बाजार मानता है, जबकि भारत ब्राजील को ऊर्जा और जरूरी खनिजों का भरोसेमंद स्रोत मानता है.

दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी यह संकेत देती है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब केवल पश्चिमी देशों पर निर्भर रहने के बजाय आपसी सहयोग को प्राथमिकता दे रही हैं. यह दौरा वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच मजबूत एकजुटता और नए आर्थिक विकल्पों की तलाश का प्रतीक भी है.

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