तनाव, डर और नंबरों की होड़ पर पीएम मोदी का बड़ा वार, परीक्षा को बोझ नहीं अवसर बताने की सीधी सीख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें रोमांचक संस्करण में छात्रों के साथ खुलकर बात की. उन्होंने कहा- हमें हमेशा खुद पर पूरा भरोसा रखना चाहिए. यही आत्मविश्वास हमें हर चुनौती से पार कराकर सपनों को हकीकत बनाता है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'परीक्षा पे चर्चा 2026' के दूसरे एपिसोड में छात्रों से दिल खोलकर बात की. इस खास संवाद में पीएम मोदी ने बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, परीक्षा के दबाव से निपटने, करियर चयन और सच्चे नेतृत्व की कला जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मार्गदर्शन दिया. उन्होंने छात्रों को न केवल पढ़ाई के टिप्स दिए, बल्कि व्यक्तिगत विकास, दोस्ती और सीखने के नए तरीकों पर भी रोशनी डाली.
यह कार्यक्रम इस साल रिकॉर्ड स्तर पर लोकप्रिय हुआ है, जिसमें 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण और कुल 6.76 करोड़ से ज्यादा लोगों की भागीदारी दर्ज की गई है. पीएम मोदी के व्यावहारिक और प्रेरणादायक संदेश छात्रों के बीच खासा चर्चा में हैं.
पहले एपिसोड में पीएम मोदी ने क्या कहा था?
6 फरवरी को प्रसारित पहले एपिसोड में प्रधानमंत्री ने छात्रों के कई सवालों के जवाब दिए. उन्होंने अकादमिक पढ़ाई के साथ कौशल विकास, रचनात्मकता को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी का जिम्मेदार उपयोग और पूर्ण आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने की रणनीति पर जोर दिया.
#WATCH | PM Narendra Modi interacts with students during the 9th edition of 'Pariksha pe Charcha'.
— ANI (@ANI) February 9, 2026
He says, "... One should always have confidence in oneself... We should observe and improvise according to the situation..."
Source: DD pic.twitter.com/vGyISAOQno
2026 में रेजिस्टेंस के रिकॉर्ड
इस साल 'परीक्षा पे चर्चा' में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया. कुल 4.5 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया, जिसमें 4.19 करोड़ छात्र, 24.84 लाख शिक्षक और 6,15,064 अभिभावक शामिल हैं. अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागियों ने संबंधित गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिससे कुल भागीदारी 6.76 करोड़ से अधिक हो गई.
सही करियर चुनने का पीएम मोदी का आसान मंत्र
करियर चुनने की दुविधा पर छात्र के सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आप एक महीने में अपने माता-पिता को दस अलग-अलग बातें बताते हैं, तो उन्हें लगेगा कि आपके पास कोई स्पष्ट लक्ष्य नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि यह अच्छी बात है कि आप दूसरों को देखकर उनके जैसा बनना चाहते हैं.
एक सच्चा नेता कैसे बनें?
नेतृत्व पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लीडरशिप का मतलब राजनीति या चुनाव नहीं है. नेतृत्व का मूल तत्व दूसरों को समझाने और उनका मार्गदर्शन करने की क्षमता में निहित है. सच्चा नेता वह होता है जो दस लोगों को भी मना सके लेकिन ऐसा करने से पहले, उन्हें समझना जरूरी है. जो लोग दूसरों को सही मायने में समझते हैं, वही प्रभावी ढंग से संवाद कर सकते हैं. जो नहीं समझते, वे किसी भी बात को सार्थक रूप से समझा नहीं सकते.
पढ़ाई में सुधार का अनोखा तरीका
प्रधानमंत्री ने छात्रों को एक अनोखी सलाह दी कि वे अपनी क्लास में पढ़ाई में कमजोर सहपाठियों से दोस्ती करें. अपनी कक्षा में उन छात्रों से दोस्ती करें जो पढ़ाई में थोड़े कमजोर हैं. यह तरीका आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा. उनसे कहें, आज मैं तुम्हें गणित पढ़ाना चाहता हूं.' उन्हें पढ़ाने में आप जो बौद्धिक क्षमता लगाएंगे, उससे विषय की आपकी अपनी समझ मजबूत होगी और परीक्षा में आपको मदद मिलेगी. परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत 2018 में हुई थी, जब पीएम मोदी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में चयनित छात्रों से बात की थी. अब यह कार्यक्रम देशव्यापी हो चुका है और लाखों-करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है.


