परमाणु वार्ता के बीच ईरान का ‘वार मैसेज’! US युद्धपोत पर हमले का AI वीडियो किया शेयर
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान का एक एआई वीडियो सामने आया है, जिसमें अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का सिमुलेशन दिखाया गया है. परमाणु वार्ता जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच बयानबाजी और तनाव बढ़ता नजर आ रहा है.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनातनी अब एक नए दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है. हाल ही में सामने आए एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो ने दोनों देशों के रिश्तों में और गर्माहट भर दी है. इस वीडियो में अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले का दृश्य दिखाया गया है, जिसे कई विशेषज्ञ एक तरह की रणनीतिक चेतावनी मान रहे हैं. ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज है, इस तरह का वीडियो सामने आना वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.
करीब दो मिनट से अधिक लंबाई के इस वीडियो में ईरानी ड्रोन को अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है. इसके बाद कई मिसाइलें दागी जाती हैं, जो समुद्र में मौजूद अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाती नजर आती हैं. वीडियो में हमले के दौरान जहाज पर तैनात सैनिकों के बीच अफरातफरी का माहौल दिखाया गया है. नौसैनिक वॉकी-टॉकी पर बातचीत करते नजर आते हैं और फिर हालात बिगड़ने पर इधर-उधर भागते दिखाई देते हैं.
IRGC media released a new AI generated video depicting a simulated attack and sinking the USS Abraham Lincoln aircraft carrier pic.twitter.com/UhTTW0maJ1
— Open Source Intel (@Osint613) February 8, 2026
आगे के दृश्यों में ईरानी नौसैनिक जहाजों को अमेरिकी बेड़े को चारों ओर से घेरते हुए दिखाया गया है. बड़ी संख्या में ड्रोन जहाजों की ओर बढ़ते और टकराते नजर आते हैं. यहां तक कि पनडुब्बियों को भी इस हमले का हिस्सा दिखाया गया है. वीडियो के अंत में जहाज पर आग लगने और कुछ अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया है. हालांकि यह एक काल्पनिक और एआई आधारित प्रस्तुति है, लेकिन इसके संदेश को गंभीरता से देखा जा रहा है.
परमाणु समझौते की बातचीत के बीच बढ़ता तनाव
यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है. 6 फरवरी को ओमान में दोनों पक्षों के बीच पहली दौर की वार्ता हुई थी, लेकिन वह किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी. इसके बावजूद अमेरिका ने आगे भी बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है.
दूसरी ओर, दोनों देशों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. अमेरिका की तरफ से संभावित कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जबकि ईरान ने साफ कहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा. ईरान का यह भी दावा है कि किसी भी टकराव की स्थिति में पूरा क्षेत्र संघर्ष की चपेट में आ सकता है.
रणनीतिक संदेश या मनोवैज्ञानिक दबाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का एआई वीडियो सीधे युद्ध की घोषणा नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक संदेश हो सकता है. इसका उद्देश्य विरोधी पक्ष पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना भी हो सकता है. मौजूदा हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होता नहीं दिख रहा.


