एपस्टीन कनेक्शन से हिली ब्रिटेन सरकार, PM स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ ने दिया इस्तीफा

एपस्टीन से जुड़े नए खुलासों के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया. उन्होंने पीटर मैंडेलसन की राजदूत नियुक्ति पर गलत सलाह देने की जिम्मेदारी स्वीकार की, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया.

Shraddha Mishra

ब्रिटेन: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के करीबी सहयोगी और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े खुलासों ने सरकार को घेर लिया है और एक बड़े राजनीतिक संकट को जन्म दे दिया है. मैकस्वीनी ने स्वीकार किया कि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने की सलाह दी थी. 

बाद में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में एपस्टीन और मैंडेलसन के बीच संपर्कों से जुड़े नए तथ्य सामने आए. इन खुलासों के बाद सरकार की साख पर सवाल उठने लगे. एक सार्वजनिक बयान में मैकस्वीनी ने कहा कि इस नियुक्ति के मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री को गलत सलाह दी और इसकी पूरी जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं. उन्होंने माना कि इस फैसले से जनता का भरोसा प्रभावित हुआ है.

स्टारमर पर बढ़ता दबाव

इस घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. पहले से ही कुछ नीतिगत फैसलों को लेकर आलोचना झेल रही उनकी सरकार अब विपक्ष के निशाने पर है. कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने कहा कि सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं है और प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए. वहीं रिफॉर्म यूके के नेता निगेल फराज ने दावा किया कि इस विवाद से स्टारमर की पकड़ कमजोर हो रही है. लेबर पार्टी के भीतर भी असहजता देखी जा रही है. कुछ सांसदों का मानना है कि यह मामला केवल एक गलती तक सीमित नहीं है, बल्कि नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है.

पुलिस जांच ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका से सामने आए दस्तावेजों के आधार पर लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने भी जांच शुरू की है. आरोप है कि मैंडेलसन ने 2009-10 के दौरान संवेदनशील आर्थिक जानकारी साझा की थी. हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है और खुद को निर्दोष बताया है. फिर भी इस जांच ने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया है. 

प्रधानमंत्री स्टारमर ने हाल ही में एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी थी. उन्होंने कहा कि उन्हें मैंडेलसन और एपस्टीन के रिश्ते की गहराई की सही जानकारी नहीं थी. हालांकि, सरकार ने मेंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े निजी संवाद सार्वजनिक करने की बात कही है. आने वाले दिनों में इन दस्तावेजों के सामने आने से राजनीतिक हलचल और तेज हो सकती है.

कौन हैं मॉर्गन मैकस्वीनी?

48 वर्षीय मैकस्वीनी को लेबर पार्टी की चुनावी सफलता का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है. जुलाई 2024 में पार्टी की बड़ी जीत के पीछे उनकी अहम भूमिका बताई जाती है. मैकस्वीनी ने पार्टी को आंतरिक संघर्ष से बाहर निकालने और नए सिरे से मजबूत करने में योगदान दिया. उन्होंने अक्टूबर 2024 में चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभाला था. उस समय भी सरकार वेतन और चंदे से जुड़े विवादों का सामना कर रही थी. उनके कार्यकाल में कई नीतिगत बदलाव हुए और आंतरिक मतभेद भी सामने आए.

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