दिल्ली में भगदड़ के बाद रेल मंत्रालय का बड़ा कदम; 65 स्टेशनों पर waiting halls बनाए जाएंगे
रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिए सभी मौजूदा व्यवस्थाओं को शामिल करते हुए एक नया मैनुअल तैयार किया जाएगा और त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।

नई दिल्ली. रेल मंत्रालय ने पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थायी प्रतीक्षालय बनाने का काम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राइट्स लिमिटेड को सौंपा है। इनमें नई दिल्ली, आनंद विहार, गाजियाबाद, वाराणसी और अयोध्या स्टेशन शामिल हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हमने इन पांच स्टेशनों पर स्थायी प्रतीक्षालय डिजाइन करने का काम रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) लिमिटेड को सौंपा है। एक बार मॉडल तैयार हो जाने पर इसे 60 सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इन स्टेशनों के सभी अनाधिकृत प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे।
18 यात्री मारे गए और कई...
इन प्रतीक्षालयों को अमृत स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जिसके तहत इन स्टेशनों को विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं के साथ आधुनिक बनाया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद इन उपायों की घोषणा की। भगदड़ में 18 यात्री मारे गए और कई घायल हो गए।
65 स्टेशनों पर waiting halls बनाए जाएंगे
वैष्णव ने कहा कि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली, पटना, सूरत, बेंगलुरु और कोयंबटूर जैसे 60 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्रतीक्षालय स्थापित किए जाएंगे। इन प्रतीक्षा कक्षों में यात्रियों को उनकी ट्रेन के प्रस्थान समय के अनुसार प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी, ताकि स्टेशन पर भीड़भाड़ न हो। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ का उदाहरण भी दिया, जहां ऐसे प्रतीक्षालय बनाए गए और यात्रियों की भीड़ को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया।


