बिना उचित प्रक्रिया के नाम हटाना संभव नहीं...चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों पर दी सफाई

भारत निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया, जिसमें उन्होंने वोटों की गलत डिलीशन और हेरफेर का आरोप लगाया था. आयोग ने कहा कि डिलीशन का कोई भी आवेदन कानूनी प्रक्रिया के तहत होता है और बिना सूचना के नाम हटाए नहीं जाते. साथ ही, आयोग ने आलंद और राजुरा में आवेदन की जांच की, और निष्कर्षों के आधार पर FIR दर्ज की.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

ECI on Rahul Gandhi Allegations: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोटों के गलत तरीके से हटाने और हेरफेर के आरोपों पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया. आयोग ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी सदस्य द्वारा ऑनलाइन वोटों की डिलीशन नहीं की जा सकती है और सभी डिलीशन एक कानूनी रूप से निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया से गुजरते हैं. 

नाम हटान के लिए ऑनलाइन होता है आवेदन 
आयोग ने यह भी कहा कि फॉर्म 7 के माध्यम से वोटर के नाम हटाने के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है, लेकिन आवेदन के बाद नामों की डिलीशन स्वचालित रूप से नहीं होती है. इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का नाम हटाने से पहले उसे एक सूचना दी जाती है और उसे अपनी बात रखने का अवसर मिलता है.

आलंद में मतदान के आरोपों पर आयोग की जांच
आयोग ने आलंद में 6,018 फॉर्म 7 के माध्यम से वोटों की डिलीशन के लिए आवेदन मिलने की जानकारी दी. इनमें से केवल 24 आवेदन सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत पाए गए और उन्हें खारिज कर दिया गया. इस बड़े पैमाने पर गलत आवेदन होने के कारण, आयोग ने जांच शुरू की और आलंद पुलिस स्टेशन में 21 फरवरी 2023 को FIR दर्ज कराई. आयोग ने यह भी बताया कि आपत्ति करने वालों के नाम, EPIC नंबर, मोबाइल नंबर, IP एड्रेस और आवेदन की मेटाडेटा जैसे महत्वपूर्ण विवरण जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं. कर्नाटका के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने जांच में निरंतर सहायता प्रदान की है.

महाराष्ट्र के राजुरा में भी ऐसे मामले सामने आए
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के राजुरा में 7,792 नए वोटर पंजीकरण के लिए आवेदन मिले, जिनमें से 6,861 आवेदन अवैध पाए गए और खारिज कर दिए गए. आयोग ने संदिग्ध गतिविधियों के कारण राजुरा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई.

निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता की प्रतिबद्धता
भारत निर्वाचन आयोग ने फिर से अपनी निश्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की. आयोग ने कहा कि निर्वाचन सूची में कोई भी संशोधन, डिलीशन या समावेश कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही किया जा सकता है.

राहुल गांधी के ताजे आरोप
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ग्यानेश कुमार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) पर आरोप लगाए कि वह उन शक्तियों का बचाव कर रहे हैं, जो लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं. गांधी ने कर्नाटका विधानसभा सीट का डेटा पेश करते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर कांग्रेस समर्थकों के वोट डिलीट किए गए.

सॉफ़्टवेयर से वोटों की डिलीशन का आरोप
राहुल गांधी ने बताया कि कैसे सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल कर वोटरों की पहचान की जाती थी और फिर वोट डिलीशन के आवेदन किए जाते थे. इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि कर्नाटका से बाहर के मोबाइल नंबर इस प्रक्रिया में जुड़े थे और एक स्वचालित प्रोग्राम बूथ लिस्ट में पहले नाम को धोखाधड़ी से डिलीट करने के लिए चुनता था.

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर बहस
राहुल गांधी के आरोपों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं. हालांकि, आयोग ने अपनी सफाई में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की बात की है.

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