UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक: कुमार विश्वास से लेकर मायावती तक बोले नेता?

UGC के इक्विटी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद सियासत गरमा गई है. कुमार विश्वास से लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों के नेताओं ने इस फैसले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: UGC के इक्विटी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद देश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कवि-लेखक कुमार विश्वास से लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक संतुलन और न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है.

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब विश्वविद्यालयों में नए नियमों को लेकर सामाजिक तनाव और असहजता की खबरें सामने आ रही थीं. अदालत के इस हस्तक्षेप को करोड़ों लोगों की भावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

कुमार विश्वास ने फैसले का किया स्वागत

UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट के स्टे का कुमार विश्वास ने समर्थन किया. उन्होंने कहा कि भारत इस समय किसी भी तरह के विभाजन को झेलने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने कहा,"सरकारों को चाहिए और राजनीतिज्ञों को भी चाहिए कि वो राजनीति में कोई विभाजक रेखा न खींचें."

कुमार विश्वास ने यह भी कहा कि यह सत्य है कि दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के साथ शताब्दियों तक अत्याचार हुआ है.उन्होंने आगे कहा,"यह भी लोगों की जबान कहने में लड़खड़ाती है कि ये सब पिछले एक हजार वर्ष में जो विदर्भ भारत में आया था, जिनके यहां ये परंपराएं थीं, उन्होंने ये भारत में बोया था."

कुमार विश्वास ने कहा कि इन कुरीतियों से मुक्ति के प्रयास पिछले 80 वर्षों से किए जा रहे हैं और आगे भी किए जाएंगे, लेकिन इसमें यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोई निरपराध व्यक्ति न फंसे.

उन्होंने कहा,किसी भी जाति धर्म का व्यक्ति कहीं जाते हुए असहज महसूस न करे. मैं सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने करोड़ों लोगों की मनोदशा को समझा. मुझे आशा है कि राजनीति भी इसका सकारात्मक हल निकालेगी.”

बीजेपी विधायक बोले ‘स्वागत योग्य फैसला’

UGC के इक्विटी रेगुलेशन पर रोक को लेकर बीजेपी विधायक पंकज सिंह ने कहा कि यह एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा था.

उन्होंने कहा,"सुप्रीम कोर्ट ने लाखों लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए UGC के इक्विटी रेगुलेशन पर रोक लगाई है. यह एक स्वागत योग्य फैसला है."

न्याय में किसी के साथ अन्याय नहीं होता: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अदालत ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी के साथ अन्याय न हो.

अखिलेश यादव ने कहा,"सच्चे न्याय में किसी के साथ अन्याय शामिल नहीं होता. माननीय अदालत ठीक यही सुनिश्चित करती है."

उन्होंने आगे कहा कि कानून की भाषा और इरादा दोनों स्पष्ट होने चाहिए."यह सिर्फ नियमों का सवाल नहीं है, बल्कि इरादे का भी है. किसी पर अत्याचार न हो, न ही किसी के साथ नाइंसाफी हो."

नए नियमों से बना सामाजिक तनाव: मायावती

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी UGC के नए नियमों पर रोक को उचित बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में बढ़ते सामाजिक तनाव को देखते हुए यह फैसला जरूरी था.

मायावती ने कहा,"देश के सरकारी और प्राइवेट विश्वविद्यालयों में जातिवादी घटनाओं को रोकने के लिए UGC द्वारा लागू किए गए नए नियमों ने सामाजिक तनाव का माहौल बना दिया है."

उन्होंने यह भी कहा कि UGC को नियम लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लेना चाहिए था और सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व को भी सुनिश्चित करना चाहिए था.

मायावती के मुताबिक,"ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट का UGC के नए नियमों पर रोक लगाने का फैसला उचित है."

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