उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में फिर दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना ने की चेतावनी फायरिंग
उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने पर सेना ने चेतावनी फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन वापस लौट गए. इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सीमा पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है.

उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में एक बार फिर सीमा पार से गतिविधियों की आशंका सामने आई है. जोधा मकान बीरंदोरी इलाके में भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय हवाई क्षेत्र के पास उड़ते हुए देखा. सेना की 6 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं, जिसके बाद ड्रोन कथित तौर पर वापस लौट गए. इस पूरी घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.
सेना के अधिकारियों ने क्या बताया?
सेना के अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन की मौजूदगी का पता चलते ही सभी मानक सुरक्षा प्रक्रियाएं लागू कर दी गईं. चेतावनी फायरिंग के बाद ड्रोन सीमा की ओर पीछे हट गए और किसी तरह की घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई. फिलहाल इलाके में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है.
रक्षा सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान केरन सेक्टर के ऊपर कुछ निम्न पृथ्वी कक्षा (एलईओ) उपग्रहों की गतिविधि भी दर्ज की गई. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपग्रहों की निगरानी सशस्त्र बलों की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है. पूरे हवाई क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है.
पहले भी देखे गए ड्रोन
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. इसी महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पुंछ और सांबा जिलों में भी भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे. उन घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों ने अपनी मानवरहित हवाई निगरानी प्रणालियों को सक्रिय कर दिया था ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके.
सूत्रों के मुताबिक, पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास चौकियों के नजदीक एक ड्रोन मंडराते हुए देखा गया था. इसके तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने एंटी-ड्रोन यानी एंटी-यूएएस उपायों को लागू किया. वहीं सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भी एक अन्य ड्रोन की गतिविधि दर्ज की गई थी.
राजौरी जिले में भी हाल ही में नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे कुछ संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोनों को रोकने के लिए सेना के जवानों ने फायरिंग की थी. इन लगातार घटनाओं को देखते हुए पाकिस्तान सीमा से सटे सभी संवेदनशील इलाकों में सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
सेना ने स्पष्ट किया है कि सीमा की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत और प्रभावी जवाब दिया जाएगा. लगातार बढ़ती ड्रोन गतिविधियों के बीच सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं और हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.


